दक्षिणी कश्मीर में आतंकी संगठन एक दूसरे का साथ आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। दक्षिणी कश्मीर में हाल ही में अंजाम दिए गए दो बड़े ऑपरेशन के दौरान हिज्ब और लश्कर के 12 आतंकियों को मार गिराया गया। जो साझा तौर पर ऑपरेशन को अंजाम दे रहे थे। सेना की 15वीं कोर के जीओसी ने कहा कि ग्राउंड लेवल पर संसाधनों की कमी के चलते वह एक साथ आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं।
घाटी में तैनात सेना की 15वीं कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल एके भट ने बताया कि दक्षिणी कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन तेज हुए हैं और बड़ी संख्या में आतंकियों को कुछ दिनों में मार गिराया गया है।
इस दौरान खास बात यह रही कि इन आतंकियों में हिज्ब और लश्कर के कई बड़े कमांडरों को भी मार गिराया गया है। ग्राउंड लेवल पर खासकर स्थानीय आतंकियों के पास संसाधनों की कमी है। यही कारण है कि इन दोनों संगठनों के आतंकी एक दूसरे की मदद कर रहे हैं। हाल ही में जो ऑपरेशन हुए उसमें लश्कर और हिज्ब के आतंकी मारे। जीओसी ने एक बार फिर स्थानीय युवाओं को मुख्यधारा में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि अगर कोई हथियार त्यागना चाहता है तो उसे मौके देंगे कि वो जिंदा रह पाए।
बता दें कि, लश्कर की हिज्ब के साथ काम करने की रणनीति तब से बन रही थी जब लश्कर का हाल ही में मारा गया चीफ कमांडर नवीद जट श्रीनगर सेंट्रल जेल में था। इसके संकेत हाल ही में वायरल हुए एक फोटो से मिलते हैं जो श्रीनगर सेंट्रल जेल का है। वहां जमात-ए-इस्लामी के कार्यक्रम में नवीद जट भाषण देते दिख रहा है। उल्लेखनीय है कि लश्कर कट्टरपंथी, वहाबी सोच विचारधारा रखती है, जबकि जमात-ए-इस्लामी हिज्ब का संस्थापक संगठन की विपरीत विचारधारा है।
यहां यह भी बताना उचित होगा कि जब 6 फरवरी 2018 को श्रीनगर सेंट्रल जेल से एसएमएचएस अस्पताल इलाज के लिए लाया गया नवीद फरार हो गया तब भी उसे भगाने के पीछे हिज्ब के आतंकियों का ही हाथ था। यहां तक कि उसके भागने के कुछ दिन बाद ही उसकी कई फोटो हिज्ब कमांडर रियाज नाइकू और अन्य हिज्ब आतंकियों के साथ वायरल हुई थी। उसके बाद से ही दोनों संगठनों ने अपनी रणनीति में तबदीली लायी थी।