लाल चौक पर तिरंगा फहराने पहुंचे शिवसैनिकों को पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बुधवार को धारा 144 का उल्लंघन कर लाल चौक स्थित ऐतिहासिक घंटाघर पर तिरंगा फहराने पहुंचे नौ शिवसैनिकों को गिरफ्तार किया। बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया।
शिव सेना (बाल ठाकरे) की प्रदेश इकाई के प्रमुख डिम्पी कोहली ने मंगलवार को जम्मू में बताया था कि उनके संगठन का एक विशेष दल लाल चौक पर तिरंगा फहराने श्रीनगर रवाना हो चुका है। प्रदेश इकाई के जनरल सेक्रेटरी मनीष साहनी और कार्यकारी अध्यक्ष अश्वनी गुप्ता की अगुवाई में श्रीनगर पहुंचे शिव सेना के कार्यकर्ताओं को बुधवार दोपहर को तिरंगा फहराना था, लेकिन वे सुबह ही लाल चौक पहुंच गए।
इससे पहले कि वे तिरंगा फहराते वहां मौजूद पुलिस ने उन्हें तुरंत हिरासत में ले लिया।इस अवसर पर शिव सैनिकों ने कहा कि नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष डा. फारूक अब्दुल्ला ने गत माह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत पूरे देश को लाल चौक में तिरंगा फहराने की चुनौती दी थी।
हम उसी चुनौती का जवाब देने आए थे, लेकिन यहां राज्य सरकार ही तिरंगा फहराने के खिलाफ है, तभी हम लोगों को इसकी इजाजत नहीं दी गई। फारूक को राष्ट्र विरोधी गतिविधियों और हुर्रियत से दूर रहने की चेतावनी देते हुए कहा कि फारूक एक कद्दावर नेता हैं।
अगर वह सत्ता में आना चाहते हैं तो बेरोजगारी, विकास, गरीबों के मुद्दे, राज्य में शांति बहाल करने जैसे मुद्दे उठाएं। पाकिस्तान पर भी निशाना साधते हुए शिवसैनिकों ने कहा कि वह क्रॉस बार्डर आतंकवाद और सीजफायर का उल्लंघन करने से बाज आए।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि शिव सेना के कार्यकर्ता दो गाड़ियों में जम्मू से यहां पहुंचे थे। कानून व्यवस्था बिगड़ने न पाए, इसलिए उन्हें एहतियातन हिरासत में लेकर कोठीबाग थाने भेजा गया।
कश्मीर पहुंचे शिव सेना की इस विशेष टीम में सीनियर वाइस प्रेसीडेंट राजीव भंडारी, सेक्रेटरी विकास पटेल, नथपाल चौधरी, राज सिंह, राजू सलारिया, पवन सिंह, संजीव शर्मा भी शामिल थे।