शोपियां पुलिस ने नई पहल करते हुए आतंक का दामन थामने वाले परिवार के सदस्यों से मंगलवार को मुलाकात कर उनका दुख दर्द जाना। लगभग 30 परिवारों से मिलकर उन्होंने युवाओं की घर वापसी के लिए परिवारवालों से अपील करने को कहा।
डीआईजी दक्षिणी कश्मीर एसपी पाणि व एसएसपी शोपियां श्रीराम अंबारकर ने परिवारवालों से मिलकर उन्हें आश्वस्त किया कि दिशाभ्रमित युवकों के मुख्यधारा में लौटने के दरवाजे हर वक्त खुले हुए हैं। यदि ऐसे युवा हिंसा का रास्ता छोड़ते हैं तो उनके सम्मानजनक पुनर्वास का हरसंभव प्रबंध किया जाएगा।
डीआईजी ने ऐसे परिवारों की पीड़ा सामूहिक रूप से सुनने के अलावा प्रत्येक परिवार से अकेले में भी बात की। कुछ परिवार के सदस्यों ने रोते हुए आपबीती सुनाई। बताया कि किन परिस्थितियों में उनके दुलारे ने घर छोड़कर आतंकी संगठन को ज्वाइन कर लिया।
मुठभेड़स्थल पर कई युवाओं के समर्पण कराने के सुरक्षा बलों के प्रयास की लोगों ने सराहना की। कहा कि इस प्रकार के प्रयास से पुलिस तथा जनता के बीच विश्वास बढ़ा है। उन्होंने बातचीत के इस प्रकार के चैनल शुरू किए जाने की भी सराहना करते हुए कहा कि निश्चित रूप से इसके सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।
साथ ही पुलिस और जनता के बीच नजदीकियां बढ़ेंगी। ज्ञात हो कि कई परिवारों ने सोशल मीडिया के माध्यम से भी युवाओं से हिंसा का रास्ता छोड़कर घर वापसी की अपील की है।