कठुआ। जब देश की राजधानी से आमंत्रण आता है, तो वो केवल एक निमंत्रण नहीं, बल्कि एक जीवन की उपलब्धियों की स्वीकृति होती है। ऐसी ही एक उपलब्धि की कहानी है रमा सरोच की, जो आज लखपति दीदी के नाम से पहचानी जाती हैं। मूलरूप से सांबा जिले के राजपुरा चलियाड़ी गांव की रहने वाली रमा को कठुआ पोस्ट ऑफिस की टीम वीरवार को न्योता पत्र सौंपने पहुंचीं।
राष्ट्रपति भवन से स्वतंत्रता दिवस और एट होम समारोह में शामिल होने का आमंत्रण कठुआ हेड पोस्ट ऑफिस की टीम ने रमा सरोच को सौंपा। वह केवल एक पैकेज नहीं, बल्कि महिला सशक्तीकरण की चमकती पहचान थी। रमा ने इस अवसर पर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा यह सम्मान मेरे जैसे हर ग्रामीण महिला के लिए प्रेरणा है जो आत्मनिर्भर बनने की राह पर है।
रमा सरोच ने राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूह से जुड़कर छोटे-छोटे उद्यमों के जरिए अपने सपनों को आकार दिया। धीरे-धीरे उन्होंने न केवल आर्थिक मजबूती हासिल की बल्कि आसपास की महिलाओं को भी प्रोत्साहित किया। आज, उनका नाम लखपति दीदी के रूप में सम्मानित है।
उनका यह सफर हजारों ग्रामीण महिलाओं को यह संदेश देता है कि संसाधन सीमित हो सकते हैं, लेकिन संकल्प नहीं। वह न केवल कठुआ की बल्कि पूरे भारतवर्ष की महिलाओं के लिए मिसाल बन चुकी है। रमा के परिजनों ने बताया कि इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जब रमा सरोच राष्ट्रपति भवन में उपस्थित होंगी, तो वह अकेली नहीं होंगी। उनके साथ होगा एक पूरे समुदाय का गर्व एक पूरे जिले का आत्मविश्वास और महिला सशक्तीकरण की असंख्य कहानियां।
रमा सरोच ने इस सम्मान के लिए राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह आमंत्रण केवल उनके लिए नहीं, बल्कि देशभर की उन महिलाओं के लिए प्रेरणा है जो आत्मनिर्भरता की दिशा में कार्य कर रही है।