लद्दाख की जलवायु में ढलने के लिए मैदानी इलाकों के जवानों को समय लगता है। लद्दाख में 12 हजार फुट तक की ऊंचाई पर तैनाती से पूर्व बाहरी सैनिकों को 6 दिन के लिए एक्लेमेटाइज (जलवायु के लिए अभ्यस्त बनाना) होना पड़ता है। इसी तरह से 12 से 15 हजार फुट की ऊंचाई पर अतिरिक्त चार दिन और 15 हजार फुट से ज्यादा ऊंचाई वाले क्षेत्र में और चार दिन गुजारने के बाद ही तैनाती मिलती है।
यानी निचले इलाकों से लाए गए सैनिकों को 15 हजार फुट की ऊंचाई पर तैनाती से पहले 14 दिन तक अनिवार्य रूप से जलवायु अभ्यस्त होना पड़ता है। गलवां घाटी में जिस जगह 15 जून को हिंसक झड़प हुई थी, उस स्थान की समुद्रतल से ऊंचाई 14 हजार फुट बताई जा रही है।