लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद लेह के मुख्य कार्यकारी काउंसलर (सीईसी) जमेयांग नामगेयाल ने कहा हैं कि लद्दाख संभाग को केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिलाने के लक्ष्य के साथ परिषद काम कर रही है। राज्यपाल सत्यपाल मलिक को ज्ञापन सौंपा गया हैं और हालही में परिषद ने विशेष सत्र बुलाकर लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा देने का प्रस्ताव भी पारित किया है। ऐसे में केंद्र व राज्य सरकार अब जरूरी फैसला ले।
भाजपा मुख्यालय में बुधवार को जमेयांग ने विधान परिषद के सदस्य एवं पूर्व मंत्री शेरिंग दोरजे की मौजूदगी में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद लेह ने केंद्र शासित प्रदेश की मांग को कमजोर नहीं होने दिया है। लद्दाख के सर्वांगीन विकास के लिए जरूरी हैं कि अलग डिवीजन का सृजन हो।
लद्दाख कश्मीर से एक दम अलग है। यहां की भाषा, संस्कृति से लेकर भूगौलिक परिस्थितियां भी भिन्न है। साल में छह महीने लद्दाख देश के अन्य हिस्सों से सड़क मार्ग से कटा रहता है। लद्दाख में जम्मू कश्मीर का कुल 70 फीसदी भौगौलिक क्षेत्र आता है। लद्दाख के साथ दो गैर मित्र देशों की सीमा भी है। ऐसे में लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिए जाने की मांग पूरी तरह से जायज है। उन्होंने लद्दाख में केंद्रीय विश्वविद्यालय के अलावा मेडिकल कालेज और वूमेन कालेज खोलने की भी मांग की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने पिछले लद्दाख दौरे में मेडिकल कालेज खोलने की मांग पर जरूरी हिदायत जारी करने का आश्वासन दिया था।