लद्दाख में क्लाइमेट फास्ट (जलवायु अनशन) शुरू करने वाले मैगसेसे पुरस्कार विजेता सोनम वांगचुक का समर्थन करने पर विदेशी पर्यटकों पर एफआईआर दर्ज की गई है। हालांकि पर्यटकों के नाम और संख्या नहीं बताई गई है।
पुलिस के अनुसार सोनम वांगचुक ने 26 जनवरी से खारदुंगला दर्रे पर खुले आसमान तले जलवायु अनशन का एलान किया था, जिसे प्रशासन ने अनुमति नहीं दी।
इस एलान के समर्थन में लेह स्थित कुछ धार्मिक स्थलों में जलवायु अनशन किया गया, जिसमें कुछ विदेशी पर्यटक भी शामिल हो गए। विदेशी पर्यटकों ने ऐसा करके वीजा नियमों का उल्लंघन किया है, जिन पर एफआईआर दर्ज की गई है।
एसएसपी लेह पीडी नित्या ने कहा, स्थानीय लोगों की ओर से सरकार के खिलाफ विरोध या असहमति जताना आंतरिक मामला है। इसमें विदेशी पर्यटक भी शामिल हो गए। उन्होंने कहा, विदेशी पर्यटकों की मंशा भले ही विरोध जताने की न रही हो, लेकिन वीजा नियमों में विदेशी पर्यटकों के लिए स्पष्ट नियम हैं।
यह पर्यटक आठ से नौ घंटे अनशन वाली जगह पर बैठे रहे, जिस पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस मामले में सोनम वांगचुक पर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है।
गौरतलब है कि जलवायु अनशन के जरिये सोनम वांगचुक लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची में शामिल कर जनजातीय दर्जे की सुविधाएं देने की मांग कर रहे हैं। इसी मांग को लेकर लेह और कारगिल के विभिन्न संगठन पहले से आंदोलन कर रहे हैं। ऐसे में जलवायु अनशन को राजनीतिक दृष्टिकोण से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
30 को सभी करें समर्थन : सोनम
बॉलीवुड की मशहूर फिल्म थ्री ईडियट में रेंचो किरदार की प्रेरणा सोनम वांगचुक शनिवार को तीसरे दिन भी जलवायु अनशन पर रहे। सोनम ने सुबह सूर्य नमस्कार करते तस्वीरें साझा कीं और उसके बाद पुलिस की ओर से दिए गए हलफनामे को साझा कर कहा, उन पर पाबंदियां लगाई जा रही हैं।
देर शाम सोनम ने कहा, उन्हें समर्थन देने के लिए देश दुनिया से लोग संपर्क कर रहे हैं। वह उन लोगों से अपील करते हैं कि 30 जनवरी को सभी लोग अपने स्थानों से ही जलवायु संरक्षण के लिए आवाज उठाकर जलवायु अनशन का समर्थन करें।
वहीं, लेह जिला पुलिस के अनुसार सोनम को हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स लद्दाख परिसर में अनशन करने की अनुमति दी गई है। खारदुंगला दर्रे पर माइनस 40 डिग्री तापमान में किसी को अनशन की अनुमति नहीं दी जा सकती। इससे सोनम और उनके समर्थकों की सेहत को खतरा रहेगा।