लद्दाख की साहित्यिक संस्कृति को सहेजने में अहम भूमिका निभाने वाले वेन थुपसन पलदान को पहले लद्दाख साहित्य पुरस्कार से नवाजा गया। सोमवार को लद्दाखी इतिहासकार ताशी रबग्यास की 96वीं जयंती पर पहला लद्दाख साहित्य दिवस मनाया गया।
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लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद लेह और लद्दाख कला, साहित्य एवं भाषा अकादमी और ताशी रबग्यास मेमोरियल ट्रस्ट की ओर से आयोजित समारोह में यह सम्मान दिया गया। वेन पलदान ने पुरस्कार मिलने पर कहा कि लद्दाखी साहित्य और संस्कृति को आधुनिक दौर में संरक्षित कर ताशी रबग्यास को सच्ची श्रद्धांजलि दी जा सकती है। वहीं, परिषद के उपाध्यक्ष अंगचुक ने कहा कि भोटी भाषा प्रोत्साहन को लेकर की जा रही व्यवस्थाओं की जानकारी दी।