लद्दाख की राजधानी लेह से लेकर कारगिल जिले के दूरदराज इलाकों तक बंद असरदार रहा। एपेक्स बॉडी के प्रतिनिधि शेरिंग दोरजे और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस के प्रतिनिधि असगर करबलाई ने लद्दाख में संपूर्ण बंद का दावा कर कहा कि यह केंद्र सरकार के लिए लद्दाखियों का स्पष्ट संदेश है।
लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा और संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने समेत चार प्रमुख मांगों के समर्थन में आहूत लद्दाख बंद का व्यापक असर रहा। छठी अनुसूची के लिए गठित एपेक्स बॉडी और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस के आहवान पर सोमवार को दुकानें और प्रतिष्ठान बंद रहे। सड़कों पर वाहनों की आवाजाही भी नहीं हुई।
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लद्दाख की राजधानी लेह से लेकर कारगिल जिले के दूरदराज इलाकों तक बंद असरदार रहा। एपेक्स बॉडी के प्रतिनिधि शेरिंग दोरजे और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस के प्रतिनिधि असगर करबलाई ने लद्दाख में संपूर्ण बंद का दावा कर कहा कि यह केंद्र सरकार के लिए लद्दाखियों का स्पष्ट संदेश है।
करबलाई ने कहा कि केडीए और एपेक्स बॉडी ने संयुक्त संघर्ष का एलान किया था। इसका लद्दाख की जनता ने पूरा समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने के साथ ही संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने, लेह व कारगिल के लिए लोकसभा में एक-एक सीट व लद्दाख को राज्यसभा में एक सीट और लद्दाख में रिक्त 20 हजार से ज्यादा पदों पर भर्ती की मांगों पर संघर्ष किया जा रहा है।