एक अधिकारी के अनुसार बर्फ में सफेद रंग के वस्त्र पहने आतंकी पहले भी देखे गए। ये वस्त्र बर्फ के दौरान घुसपैठ करते समय कैमोफ्लेज(छलावरण) होते हैं और सैटेलाइट इमेजिंग में नहीं दिखते। लेकिन इस बार जो वस्त्र आतंकियों के पास से मिले वे सफेद होने के साथ-साथ प्रोटेक्टिव भी थे। उन्होंने बताया कि ये वस्त्र अच्छे मटेरियल से बने हैं।
आतंकियों के पास से यूनिकोड मैट्रिक्स चार्ट भी बरामद हुए हैं, जिससे आतंकी अपनी कोड भाषा बनाते हैं। एक अधिकारी के अनुसार यह भाषा तभी डिकोड हो पाती है, जब आपके पास भी यूनिकोड मैट्रिक्स चार्ट हो। इसलिए समय-समय पर आतंकी यह यूनिकोड चार्ट बदलते रहते हैं ताकि उनकी कोड भाषा आसानी से डिकोड न हो पाए।
जानकारी के अनुसार इस समूह में 12 आतंकी शामिल थे। यह समूह गत 30 मार्च को पीओके से एक लॉन्चिंग पैड से रवाना हुआ था। इनमें से पांच मारे गए, माना जा रहा है कि शेष आतंकी पीओके लौट गए हैं। सूत्रों के अनुसार यह ग्रुप द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) का था। आतंकी संगठन अल-बदर और लश्कर-ए-तैयबा को प्रतिबंधित घोषित किए जाने के बाद टीआरएफ का गठन इन्हीं दो आतंकी संगठनों द्वारा भी किया गया है।
200-250 आतंकी घुसपैठ के लिए बैठे हैं तैयार
सूत्रों के अनुसार पीओके में टीआरएफ के आतंकियों को पूर्व एसएसजी के जवान कमांडो ट्रेनिंग देते हैं। वर्तमान में करीब 200-250 प्रशिक्षित आतंकी पीओके में विभिन लॉन्चिंग पैड पर घुसपैठ के लिए तैयार बैठे हैं।
एक अधिकारी ने बताया कि इस बार आशंका है कि पाकिस्तान द्वारा घुसपैठ की अच्छी खासी कोशिश की जाएगी। इसका एक उदाहरण था हाल ही में इस बड़े ग्रुप की घुसपैठ। यह भी माना जा रहा है कि टीआरएफ घाटी में हिज्ब के हाथों से कमान लेना चाहता है।