फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कुपवाड़ा मुठभेड़ में बड़ा खुलासा: मारे गए आतंकियों ने पहने थे ऐसे कपड़े जो पहले कभी नहीं देखे गए

Sun, 12 Apr 2020 01:25 PM IST
प्रशांत कुमार अमृतपाल सिंह बाली, जम्मू
विज्ञापन
मारे गए आतंकियों ने पहने थे विशेष कपड़े - फोटो : भारतीय सेना
विज्ञापन

उत्तरी कश्मीर के केरन सेक्टर में कुपवाड़ा में हाल ही में सेना के साथ भीषण मुठभेड़ के दौरान मारे गए पांच आतंकियों के पास से बरामद सामान से बड़ा खुलासा हुआ है। आतंकियों के पास से पहली बार ऐसे वस्त्र बरामद हुए हैं जो इससे पहले कभी नहीं देखे गए। सूत्रों के अनुसार इन्हें विशेष रूप से घुसपैठ करने वाले आतंकियों के लिए बनाया गया है। इतना ही नहीं, आतंकियों के पास से यूनिकोड चार्ट भी बरामद हुए हैं।

विज्ञापन


केरन सेक्टर के जमगुंड इलाके में सूचना के आधार पर गत एक अप्रैल को सेना द्वारा तलाशी अभियान शुरू किया गया था। इस दौरान उनका सामना आतंकियों के एक समूह से हुआ।

कुछ देर चली मुठभेड़ के बाद आतंकी जंगल क्षेत्र की ओर भाग निकले थे। करीब पांच दिनों तक चले तलाशी अभियान के दौरान एक बार फिर से आतंकियों और सेना के जवानों के बीच भीषण मुठभेड़ शुरू हुई, जिसमें पांच आतंकियों को मार गिराया गया। इस दौरान सेना के पांच जवान भी शहीद हो गए थे।

विज्ञापन

ये वस्त्र घुसपैठ के दौरान सैटेलाइट की नजर से बचने में हैं सक्षम

एक अधिकारी के अनुसार बर्फ में सफेद रंग के वस्त्र पहने आतंकी पहले भी देखे गए। ये वस्त्र बर्फ के दौरान घुसपैठ करते समय कैमोफ्लेज(छलावरण) होते हैं और सैटेलाइट इमेजिंग में नहीं दिखते। लेकिन इस बार जो वस्त्र आतंकियों के पास से मिले वे सफेद होने के साथ-साथ प्रोटेक्टिव भी थे। उन्होंने बताया कि ये वस्त्र अच्छे मटेरियल से बने हैं।

आतंकियों के पास से यूनिकोड मैट्रिक्स चार्ट भी बरामद हुए हैं, जिससे आतंकी अपनी कोड भाषा बनाते हैं। एक अधिकारी के अनुसार यह भाषा तभी डिकोड हो पाती है, जब आपके पास भी यूनिकोड मैट्रिक्स चार्ट हो। इसलिए समय-समय पर आतंकी यह यूनिकोड चार्ट बदलते रहते हैं ताकि उनकी कोड भाषा आसानी से डिकोड न हो पाए।
विज्ञापन

समूह में थे 12 आतंकी, पांच मारे गए

जानकारी के अनुसार इस समूह में 12 आतंकी शामिल थे। यह समूह गत 30 मार्च को पीओके से एक लॉन्चिंग पैड से रवाना हुआ था। इनमें से पांच मारे गए, माना जा रहा है कि शेष आतंकी पीओके लौट गए हैं। सूत्रों के अनुसार यह ग्रुप द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) का था। आतंकी संगठन अल-बदर और लश्कर-ए-तैयबा को प्रतिबंधित घोषित किए जाने के बाद टीआरएफ का गठन इन्हीं दो आतंकी संगठनों द्वारा भी किया गया है।

200-250 आतंकी घुसपैठ के लिए बैठे हैं तैयार
सूत्रों के अनुसार पीओके में टीआरएफ के आतंकियों को पूर्व एसएसजी के जवान कमांडो ट्रेनिंग देते हैं। वर्तमान में करीब 200-250 प्रशिक्षित आतंकी पीओके में विभिन लॉन्चिंग पैड पर घुसपैठ के लिए तैयार बैठे हैं।

एक अधिकारी ने बताया कि इस बार आशंका है कि पाकिस्तान द्वारा घुसपैठ की अच्छी खासी कोशिश की जाएगी। इसका एक उदाहरण था हाल ही में इस बड़े ग्रुप की घुसपैठ। यह भी माना जा रहा है कि टीआरएफ घाटी में हिज्ब के हाथों से कमान लेना चाहता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें