कश्मीर में दो महीने पहले आतंकियों द्वारा चलाई गई गोलियों में अपने बेटे को खो चुके रमेश कुमार बिना हिम्मत हारे बुलंद हौंसले के साथ घाटी में वापिस लौट आए हैं। उन्होंने उसी जगह वापिस जाकर अपने ढाबे को फिर एक बार खोल दिया है, जहां पर उनके बेटे आकाश मेहरा को 17 फरवरी को आतंकियों ने गोली मार दी थी। श्रीनगर में स्थित बहुत ही मशहूर है कृष्णा वैष्णो भोजनालय, जहां हर कोई जाकर खाना पसंद करता है।
17 फरवरी को कुछ आतंकियों ने इसी ढाबे में जाकर संचालक के बेटे आकाश मेहरा को गोली मार दी थी। गंभीर रूप से घायल होने के बाद वह दस दिन तक अस्पताल में जीवन और मौत से जूझते रहे और 28 फरवरी को उन्होंने दम तोड़ दिया। इस हमले में तीन ओजीडब्ल्यू शामिल थे। जिन्हें हमले के एक सप्ताह के भीतर ही कश्मीर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।
यह भी पढ़ें- जम्मू-कश्मीर: भक्तों ने लंबी कतारों में घंटों इंतजार के बाद किए मां बावे वाली के दर्शन, सुबह से रात तक गूंजे जयकारे
आतंकियों की ओर से कृष्णा ढाबा संचालक के बेटे की हत्या के दो महीने तक यह भोजनालय बंद रहा। वहीं मंगलवार से पहले नवरात्रे के पावन अवसर पर ढाबे को फिर से खोल दिया गया। संचालक रमेश कुमार का कहना है कि वह घाटी में अपने को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उनका कहना था कि यह वही जगह है, जहां पर वह पैदा हुए और इसी जगह पर बड़े हुए हैं। उन्हें इस जगह पर किसी प्रकार का कोई खतरा नहीं है।