घाटी के पत्थरबाज अब भूमिगत होने लगे हैं। पहले की तरह अब पत्थरबाज गिरोह सक्रिय नहीं हैं। एनआईए की ओर से अलगाववादियों पर शिकंजा कसने और पिछले दिनों दो शातिर पत्थरबाजों की गिरफ्तारी के बाद से तो पत्थरबाजी की घटनाओं में और कमी आई है।
यही वजह है कि लश्कर कमांडर अबु इस्माइल के मारे जाने के बाद कहीं भी विरोध प्रदर्शन तथा सुरक्षा बलों पर पत्थरबाजी नहीं हुई।जुमे की नमाज भी सकुशल संपन्न हो गई और कहीं से भी सुरक्षा बलों से टकराव की खबर नहीं है।
सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े सूत्रों का कहना है कि एनआईए की ओर से घाटी में सक्रिय 77 ऐसे व्हाट्सएप ग्रुप चिह्नित किए गए हैं, जो मुठभेड़ शुरू होते ही भीड़ को मुठभेड़ स्थल तक पहुंचकर सुरक्षा बलों पर पथराव के लिए भड़काते थे।
इनमें से कई ग्रुप में पाकिस्तान के लोग भी शामिल हैं। एनआईए ने छानबीन के बाद घाटी से दो शातिर पत्थरबाजों को गिरफ्तार किया।