फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Katra Protest: कटड़ा में रोपवे परियोजना को लेकर उबाल, श्राइन बोर्ड के खिलाफ व्यापारियों ने किया विरोध प्रदर्शन

Wed, 18 Dec 2024 04:41 PM IST
निकिता गुप्ता अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

कटड़ा में वैष्णो देवी रोपवे परियोजना के खिलाफ व्यापारियों और स्थानीय निवासियों ने विरोध प्रदर्शन किया और परियोजना को रद्द करने की मांग की।

विज्ञापन
कटड़ा प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जम्मू और कश्मीर के कटड़ा में दुकाने बुधवार को प्रस्तावित 250 करोड़ की रोपवे परियोजना के खिलाफ बंद रहा। यह रोपवे तारकोटे मार्ग से सांजी छत तक यात्रा को सुगम बनाने के लिए प्रस्तावित किया गया है, जो रियासी जिले में स्थित गुफा मंदिर तक जाता है।
विज्ञापन




माता वैष्णो देवी संघर्ष समिति, जो दुकानदारों, घोड़ा चालकों और पालकी वालों का प्रतिनिधित्व करने का दावा करती है। उन्होंने  इस परियोजना के खिलाफ प्रदर्शन किया और मांग की कि इसे रद्द किया जाए। समिति का आरोप है कि यह रोपवे परियोजना स्थानीय व्यापारियों की आजीविका को नष्ट कर देगा।
विज्ञापन


पिछले महीने श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने वरिष्ठ नागरिकों, बच्चों और अन्य लोगों के लिए जो 13 किलोमीटर लंबी यात्रा में कठिनाई महसूस करते हैं, उन्हे मंदिर तक पहुंचने में सहूलियत देने के उद्देश्य से यह रोपवे स्थापित करने का निर्णय लिया था। बुधवार को हुए बंद के कारण कटड़ा में सामान्य जीवन प्रभावित हुआ, सड़क पर वाहन कम चल रहे थे। संघर्ष समिति ने शालीमार पार्क से एक बड़ा रैली निकाली और विरोध स्वरूप काले आर्मबैंड पहनकर तथा प्लेकार्ड लिए प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने श्राइन बोर्ड और परियोजना के खिलाफ नारे लगाए।
विज्ञापन

संघर्ष समिति के अध्यक्ष भूपिंदर सिंह जमवाल ने पत्रकारों से कहा हमारे अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं, क्योंकि बोर्ड 60,000 से अधिक परिवारों की रोटी-रोजी को छीनने पर तुला है। होटल मालिकों, दुकानदारों, घोड़ा चालकों, मजदूरों और परिवहनकर्ताओं ने इस परियोजना के खिलाफ सड़क पर उतर कर विरोध जताया है। हम चाहते हैं कि यह परियोजना रद्द की जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि जम्मू और कश्मीर के सभी राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने इस विरोध में समर्थन दिया है। जमवाल ने स्पष्ट किया हम अपने अधिकारों के लिए लड़ेंगे, और हम इसे सहन नहीं करेंगे। समिति के नेताओं ने यह घोषणा की कि उनके पांच सदस्य इस मुद्दे पर लिखित आश्वासन प्राप्त करने के लिए भूख हड़ताल करेंगे, जिसमें उपराज्यपाल या गृह मंत्री से यह वादा होगा कि रोपवे परियोजना को रद्द कर दिया जाएगा।

पूर्व मंत्री जुगल किशोर शर्मा, जो इस रैली में शामिल हुए उन्होंने ने भी  कहा कि सरकार ने 15 दिसंबर तक इस मुद्दे को हल करने का वादा किया था, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। हम श्राइन बोर्ड के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि इसके गलत विचारित परियोजना के खिलाफ हैं, जो हमारी आजीविका और धार्मिक भावनाओं दोनों को नुकसान पहुंचा सकती है। 
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें