अरसे से अधर में लटका कठुआ वैकल्पिक रेलवे ट्रैक का प्रस्ताव ठंडे बस्ते से बाहर निकलने जा रहा है। वर्तमान रेलवे ट्रैक के विकल्प के तौर पर प्रस्तावित रेलवे ट्रैक और रेलवे स्टेशन के लिए उत्तरी रेलवे नए सिरे से संभावनाएं देखने जा रहा है।
इस बाबत जल्द ही रेलवे के इंजीनियरिंग विंग की एक टीम कठुआ दौरा करने जा रही है। माना जा रहा है कि टीम वैकल्पिक रेलवे ट्रैक और रेलवे स्टेशन के स्थान को देखेगी और अपनी तकनीकी राय उत्तरी रेलवे को भेजेगी।
पीएमओ का भी दखल
दरअसल नव कठुआ रेलवे स्टेशन निर्माण समिति द्वारा दिए गए वैकल्पिक रेलवे ट्रैक और रेलवे स्टेशन के प्रस्ताव पर उत्तरी रेलवे ने एक दशक पूर्व प्री फिजिबिलिटी सर्वे किया था।
इस सर्वे को तत्कालीन इंजीनियरिंग विंग की टीम ने हरी झंडी दी थी लेकिन मामला इसके बाद से आगे नहीं बढ़ पाया।
हाल ही में उधमपुर कठुआ के सांसद और पीएमओ में मंत्री डा. जितेंद्र सिंह ने प्री फिजिबिलिटी सर्वे का हवाला देते हुए रेलवे मंत्री को वैकल्पिक ट्रैक और रेलवे स्टेशन संबंधी अनुशंसा भेजी थी।
सिंह ने लिखित में भेजी अनुशंसा में साफ कहा था कि रेलवे द्वारा कठुआ के वैकल्पिक रेलवे ट्रैक और स्टेशन के लिए पर्याप्त प्रयास किए जाने चाहिए।
साइट देखना चाहते हैं इंजीनियर
मंत्री की अनुशंसा का असर अब दिखने भी लगा है। नव कठुआ रेलवे स्टेशन निर्माण समिति के सदस्यों से रेलवे के इंजीनियरिंग विंग ने संपर्क किया है।
रेलवे इंजीनियरिंग विंग से समिति को बताया गया है कि वह वैकल्पिक रेलवे ट्रैक और रेलवे स्टेशन की साइट देखना चाहते हैं।
इसके अलावा रावी दरिया पर प्रस्तावित पुल संबंधी भी तकनीकी पहलुओं को देखा जाएगा। इसमें समिति सदस्य इंजीनियरिंग विंग के साथ सर्वे में शामिल होंगे।
समिति के एक सदस्य ने बताया कि रेलवे के इंजीनियरिंग विंग की टीम वीरवार को ही आने वाली थी लेकिन किन्हीं कारणों के चलते दौरा स्थगित कर दिया गया।
उन्हें बताया गया है कि जल्द ही टीम दौरा करेगी और उन्हें समय पर सूचित भी कर दिया जाएगा।