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कठुआ रसाना कांड: एडवोकेट अंकुर शर्मा बोले-सच छुपाने को एसआईटी को संरक्षण दे रही जम्मू पुलिस

Tue, 19 Nov 2019 11:41 PM IST
Pranjal Dixit न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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कठुआ कांड - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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एडवोकेट अंकुर शर्मा का कहना है कि जम्मू पुलिस रसाना कांड की जांच करने वाली एसआईटी को बचाने के लिए संरक्षण दे रही है। सच छुपाने के लिए एफआईआर दर्ज नहीं कर रही। इससे साबित होता है कि रसाना कांड में गवाहों को प्रताड़ित करने की बात सच है। सरकार को चाहिए कि गृह मंत्रालय को आदेश दिया जाए कि एसआईटी के अधिकारियों के खिलाफ सीबीआई जांच हो। 
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कठुआ कांड में जम्मू के एसएसपी के खिलाफ अवमानना याचिका दायर, झूठी गवाही दिलाने का आरोप

जब कोर्ट ने कहा है कि इन अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करो। एसआईटी ने विशाल जंगोत्रा को झूठे केस में फंसाया और उसे कोर्ट ने रिहा भी कर दिया। इससे साफ है कि एसआईटी ने काम ईमानदारी से नहीं किया। एसआईटी का झूठ सामने आने पर भी एफआईआर नहीं लगाना दर्शाता है कि पुलिस जान बूझकर कार्रवाई नहीं कर रही। यहां तक कि अब तक इस मामले में इन लोगों से कोई पूछताछ तक नहीं हुई। वह हमेशा से कहते आए हैं कि इस मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए। 
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बता दें कि जब कोर्ट ने पुलिस को आदेश दिए कि एसआईटी के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो, तो उसके दो दिन बाद ही डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा कि एसआईटी ने कुछ गलत नहीं किया। एडवोकेट अंकुर का कहना है कि मामले की जांच पूरी होने से पहले ही डीजीपी कैसे कह सकते थे कि एसआईटी के अधिकारियों ने कुछ नहीं किया। इससे साफ है कि राज्य पुलिस ने रसाना कांड में जांच सही तरीके से नहीं की। 
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विशाल जंगोत्रा - फोटो : फाइल, अमर उजाला
वीडियो फुटेज ने करा दिया विशाल को रिहा
बता दें कि रसाना कांड में विशाल जंगोत्रा को क्राइम ब्रांच ने इस केस का आरोपी बनाया था। लेकिन बाद में एक वीडियो फुटेज ने विशाल को बचा लिया। वह था विशाल की मेरठ में मौजूदगी। उसका परीक्षा में होना और एटीएम से पैसे निकालते मिले वीडियो ने उसे बचा लिया। अन्यथा क्राइम ब्रांच ने विशाल को इस केस में आरोपी साबित कर दिया था।
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