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कठुआ कांड में जम्मू के एसएसपी के खिलाफ अवमानना याचिका दायर, झूठी गवाही दिलाने का आरोप

Tue, 19 Nov 2019 11:33 PM IST
Pranjal Dixit न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू

सार

  • कोर्ट का आदेश न मानने पर अवमानना कार्यवाही शुरू करने की मांग की गई
  • क्राइम ब्रांच पर विशाल जंगोत्रा के खिलाफ तीन गवाहों से झूठी गवाही दिलाने का आरोप
  • कोर्ट ने एसएसपी को जांच करने वाली एसआईटी के अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने को कहा था
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विशाल जंगोत्रा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बहुचर्चित रसाना कांड में जम्मू के एसएसपी के खिलाफ कोर्ट में अवमानना याचिका दायर की गई है। साथ ही कोर्ट से एसएसपी के खिलाफ अवमानना कार्यवाही शुरू करने की मांग रखी गई है। एसएसपी को 22 अक्तूबर 2019 को सिटी जज जम्मू ने रसाना कांड की जांच करने वाले एसआईटी के पूर्व एसएसपी रमेश जाला, एएसपी पीरजादा नवीद, डीएसपी श्वेतांबरी शर्मा, डीएसपी नासिर हुसैन, उरफान वानी और केवल किशोर के खिलाफ केस दर्ज करने को कहा था। 
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कोर्ट के इस आदेश पर अब तक अमल नहीं हुआ। मंगलवार को एडवोकेट अंकुर शर्मा और तरुण शर्मा ने कोर्ट में अवमानना याचिका दायर कर यह मांग रखी। इस पर जज ने एसएसपी जम्मू को नोटिस जारी किया है। 23 नवंबर तक एसएसपी को आपत्तियां दर्ज कराने को कहा गया है।

बता दें कि रसाना कांड में शामिल तीन गवाहों ने कोर्ट में याचिका दायर की थी। कहा था कि एसआईटी के अधिकारियों ने उनसे जबरदस्ती इस केस में शामिल किए गए विशाल जंगोत्रा के खिलाफ गवाही दिलाई। गवाही देने के लिए उन्हें प्रताड़ित किया गया, यातनाएं दी गईं। 
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इस केस में विशाल को कोर्ट ने रिहा कर दिया था। बाद में यह तीनों पक्का डंगा पुलिस स्टेशन गए और एसआईटी के अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आवेदन दिया। लेकिन पक्का डंगा के एसएचओ ने एफआईआर दर्ज नहीं की। अपील कर्ताओं ने पक्का डंगा के एसएचओ द्वारा एफआईआर दर्ज न कराने पर एसएसपी से भी बात की। लेकिन एसएसपी की तरफ से भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। 
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विशाल को झूठी गवाही दिलाकर फंसाया गया
गवाहों ने अपनी याचिका में कहा था कि क्राइम ब्रांच की टीम ने हमें प्रताड़ित किया। हमें यातनाएं दी गईं, ताकि हम विशाल के खिलाफ गलत गवाही दें। 164 के तहत हमसे जबरदस्ती बयान कराए। कहा गया कि वह गवाही दें कि रसाना दुष्कर्म कांड में विशाल भी शामिल था। विशाल जंगोत्रा को क्राइम ब्रांच ने झूठे तरीके से फंसाया था। जब इस मामले की सुनवाई हुई तो कोर्ट ने विशाल को रिहा कर दिया। कोर्ट ने भी माना कि विशाल इस केस में शामिल नहीं है। 
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