हर तरफ से की गई कड़ी नाकेबंदी
कठुआ के जुथाना की ओर से घेराबंदी की गई। वहीं, बिलावर के धराल्ता और सुंदरीकोट की ओर से भी भागने के रास्तों पर नाकेबंदी की गई है। सुफैन के जंगलों की तरफ भी सुरक्षाबलों की कड़ी घेराबंदी है। अंबे नाल बेहद अहम पॉइंट है। सुरक्षाबल बखूबी जानते हैं कि यहां से आतंकी भागे तो पहाड़ों की ओर जा सकते हैं। इससे उन्हें छिपने के कई ठिकाने मिल जाएंगे। सुरक्षाबलों की रणनीति सीमित घेरे में ही सभी आतंकियों को ढेर करने की है।
ड्रोन से गिराए 20 किग्रा विस्फोटक
मुठभेड़ के दौरान आतंकियों को भाग निकलने का मौका न देने के लिए ड्रोन का सहारा लिया गया। आतंकी जहां से छिपकर फायरिंग कर रहे थे वहां ड्रोन से करीब 20 किलो विस्फोटक गिराए गए। रात करीब आठ बजे गोलीबारी थमी है। फिलहाल सुबह का इंतजार हो रहा है। भारी संख्या में सुरक्षाबल ने मोर्चेबंदी कर रखी है। सुबह होते ही आतंकियों की तलाश तेज की जाएगी।
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बुधवार रात से ही शुरू हो गया था तलाशी अभियान
सूत्रों के अनुसार बुधवार रात दो बजे एसएसपी कठुआ शोभित सक्सेना के नेतृत्व में एसओजी और सीआरपीएफ के दो सौ से ज्यादा जवानों ने इलाके में आतंकियों की तलाश के लिए अभियान शुरू किया। वीरवार को रोशनी की पहली किरण के साथ ही इलाके में आतंकियों की मौजूदगी को सुरक्षाबलों ने भांपते हुए घेराबंदी शुरू कर दी। सुबह आठ बजे आतंकियों से आमना-सामना होते ही गोलीबारी शुरू हो गई।
चार एंबुलेंस तैनात...सीएमओ भी मौके पर डटे
मौके पर पहुंचे सीएमओ कठुआ डॉ. विजय राणा ने बताया कि दो घायलों को जीएमसी कठुआ में उपचार दिया गया है। एक पैरा कमांडो को हाथ में चोट लगी है। कुछ और लोगों के भी घायल होने की जानकारी है। लेकिन ऐसा पता चला है कि उन्हें मुठभेड़ वाले क्षेत्र से बाहर नहीं लाया जा सका है। चार एंबुलेंस को मौके पर तैनात रखा गया है।
आईजी, डीआईजी भी ऑपरेशन में शामिल
कठुआ के जुथाना की ओर से घेराबंदी की गई है। बिलावर के धराल्ता और सुंदरीकोट की ओर से भी भागने के रास्तों पर नाकेबंदी की गई है। सुफैन के जंगलों की तरफ भी सुरक्षाबलों की कड़ी घेराबंदी है।
अहम पॉइंट है ये स्थल...कोई चूक नहीं चाहते सुरक्षाबल
अंबे नाल बेहद अहम पॉइंट है। सुरक्षाबल बखूबी जानते हैं कि यहां से आतंकी भागे तो वह पहाड़ों की ओर जा सकते हैं। इससे उन्हें छिपने के कई ठिकाने मिल जाएंगे। भागने के लिए भी कई रूट हो जाएंगे। अगर ऐसा हुआ तो उन्हें ढेर करने में दिक्कतें आएंगी। लिहाजा सुरक्षाबलों की रणनीति सीमित घेरे में ही सभी आतंकियों को ढेर करने की है।