रसाना मामले में सीबीआई जांच की मांग पर बिलावर की मकवाल पंचायत के पूर्व सरपंच ने उप मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाए। उसने कहा कि रसाना मामले में आखिर सरकार सीबीआई जांच क्यों नहीं करवा रही है।
मामला बिलावर के फिंतर इलाके का है, जहां शुक्रवार को उप मुख्यमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन वितरित करने पहुंचे थे। इस बीच मकवाल के पूर्व सरपंच अजीत सिंह संबयाल ने सामने आकर उप मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाते हुए कई सवाल उठाए।
अजीत ने उप मुख्यमंत्री से कहा कि रसाना मामले में सीबीआई जांच क्यों नहीं करवाई जा रही है सर। इसी बीच पूर्व सरपंच को पुलिस ने हिरासत में ले लिया, जिसे बाद में मुचलका जमानत पर रिहा कर दिया गया।
अजीत ने कहा कि जम्मू संभाग के लोगों को उप मुख्यमंत्री से काफी उम्मीदें रही हैं। रसाना मामले में उनकी चुप्पी समझ से परे है। उन्होंने एक शब्द भी नहीं बोला। अजीत ने कहा कि रसाना मामले को सांप्रदायिक रंग देकर डुग्गर समाज पर धब्बा लगाया गया है।
चुनाव से पहले ये लोग हिंदुओं के ठेकेदार बने थे, लेकिन अब एक शब्द भी मुंह से नहीं निकल रहा है। रसाना में मारी गई बच्ची के मामले की सीबीआई जांच से ही आरोपियों को पकड़ने में मदद कर सकती है, लेकिन उप मुख्यमंत्री की चुप्पी का कारण लोगों की समझ से परे है।
संबयाल ने कहा कि यदि इनको सरकार की उपलब्धियां गिनानी हों तो पीछे नहीं रहते, लेकिन यदि इनकी कमी बताई जाए तो लोगों की आवाज को दबाने का काम करते हैं। पूर्व सरपंच ने कहा कि अब इंसानियत की खातिर डिप्टी सीएम को अपनी चुप्पी तोड़नी चाहिए।