जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन जम्मू ने बार काउंसिल आफ इंडिया की टीम के समक्ष रसाना कांड की सीबीआई जांच कराने का अपना पक्ष रखा। बार एसोसिएशन ने कहा कि क्राइम ब्रांच ने केस की सही जांच नहीं की है। केस की निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई को केस सौंपा जाना चाहिए।
सूत्रों के अनुसार बार काउंसिल की टीम अपनी रिपोेर्ट सुप्रीम कोर्ट में पेश करेगी। बार काउंसिल आफ इंडिया ने सुबह 12 बजे के करीब जम्मू हाईकोर्ट में दौरा करके वकीलों और अन्य पीडि़तों से बातचीत की। बार काउंसिल की टीम के सदस्य रिटायर्ड जस्टिस तरूण अग्रवाल, एस प्रभाकरन (बीसीसीआई के सह अध्यक्ष) रजिया बेग (बार काउंसिल आफ उत्तराखंड की पूर्व अध्यक्ष) नरेश दीक्षित (पटना हाईकोर्ट के वकील), रामचंद्रन जी शाह ने सबसे पहले पीडि़त परिवार की वकील दीपिका सिंह रजावत से मुलाकात की।
हाईकोर्ट सामने पार्क में करीब आधा घंटा तक बातचीत करने के बाद टीम बार रूम में वकीलों से मिली। वकीलों ने एक मत से कहा कि इस मामले की जांच सीबीआई के सौंपी जानी चाहिए। जम्मू में गुज्जरों और डोगरों के बीच आपसी द्विवेष पैदा करने की साजिश है।
केस की जांच शुरू से ही सही नहीं नहीं है। कई मासूूम लोगों को फंसाया गया है। पीडि़त लड़की की हत्या हुई और उसे इंसाफ दिलाने के लिए निप्पक्ष जांच जरूरी है। क्राइम ब्रांच की टीम में कई दागी आफिसर हैं। करीब एक घंटे तक वकीलों ने भारत माता की जय, बार एसोसिएशन जम्मू जिंदाबाद के नारे भी लगाए।
इस बीच मीडिया और सरकारी वकीलों को बार रूम में नहीं जाने दिया गया। कई महिला वकीलों ने भी बार काउंसिल की टीम के समक्ष केस को तोड़ मरोड़कर पेश करने का पक्ष रखा। तीन गाडि़यों में हाईकोर्ट पहुंचे टीम के सदस्य दोपहर बाद वापस नई दिल्ली लौट गए।
गौरतलब है कि वीरवार देर शाम बीसीआई की पांच सदस्यीय टीम अचानक रसाना गांव पहुंच गई थी।टीम ने वह देवस्थान भी देखा जहां क्राइम ब्रांच की रिपोर्ट के मुताबिक बच्ची के साथ कई लोगों ने रेप किया था। टीम मुख्य आरोपी सांझी राम की बेटी से भी मिली और उससे पूछा कि वह सीबीआई जांच की मांग क्यों कर रही है। बेटी ने कहा उन्हें क्राइम ब्रांच की जांच पर भरोसा नहीं।
टीम ने गांव के लोगों से भी बात की। गुज्जर-बकरवाल के पक्ष से उन्हें कोई नहीं मिला। बार कौंसिल ऑफ इंडिया की टीम दोपहर हवाई जहाज से जम्मू पहुंची। इसके बाद वह सीधा कठुआ के लिए निकल गई। शाम साढ़े पांच बजे कठुआ के जिला एवं सत्र न्यायालय पहुंची टीम के सदस्यों ने लगभग डेढ़ घंटे तक बार एसोसिएशन के सदस्यों के साथ बैठक की।