दोमाना। कलियुग में प्रभु मिलन के लिए शिव महापुराण कथा ही एकमात्र मार्ग है। प्रभु भक्ति ही जीवन का मुख्य लक्ष्य है। यह ज्ञान कथा वाचक मृदुल मोहन शास्त्री ने संगत को दिया।
शुक्रवार को मढ़ विधानसभा क्षेत्र के नई बस्ती गांव में शुक्रवार को शिव महापुराण कथा का समापन हवन और भंडारे के साथ हुआ। कथा वाचक मृदुल मोहन शास्त्री पौनी चक वाले ने कथा सुनाकर भक्तों को प्रभु चरणों से जोड़ा। उन्होंने कहा कि कलियुग में प्रभु मिलन के लिए शिव महापुराण कथा एक मात्र मार्ग है। प्रभु भक्ति ही जीवन का परम लक्ष्य है। इस दौरान प्रभु के भक्तों पर भक्त झूमते नजर आए। इस नौ दिवसीय कथा में आसपास सहित दूरदराज के इलाकों की संगत ने हिस्सा लिया। कथा के समापन पर कमेटी ने संगत को प्रसाद वितरित किया। इस अवसर पर ईशर दास, तारा चंद, अश्वनी कुमार, सुरेश कुमार, जगदीश शर्मा, राजिंदर शर्मा, पुरुषोत्तम लाल, नरेश कुमार और शाम लाल आदि मौजूद रहे।