तीन तलाक को असंवैधानिक ठहराने के सर्वोच्च न्यायालय के फैसले से घाटी की मुस्लिम महिलाओं में भी खुशी है। उनका मानना है कि इस फैसले ने महिलाओं का सम्मान लौटाया है। शादी को मजाक समझने वालों के मुंह पर करारा तमाचा है। वकील, पत्रकार, गृहणी, स्वयंसेवी संगठन सभी ने इस फैसले का स्वागत किया है।
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष नईमा महजूर का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट का यह अच्छा फैसला है। इससे महिलाओं के अधिकारों के संरक्षण के मामले में जीत हुई है। तीन तलाक शरिया के नजरिये से सही है, लेकिन जो इंस्टेंट ट्रिपल तलाक है, उस पर प्रतिबंध लगाया गया है जो अच्छा फैसला है।
ज्यादातर इसी का इस्तेमाल कर औरतों के अधिकारों का हनन कर रहे थे। मुस्लिम पर्सनल लॉं बोर्ड को भी गौर करना चाहिए कि कहीं लोगों द्वारा इस्लामिक कानूनों का गलत इस्तेमाल कर अधिकारों को छीना तो नहीं जा रहा है। इस फैसले से महिलाओं को काफी लाभ मिलेगा।