सूत्र बताते हैं कि इनकी डीसी कार्यालय परिसर में ही तैनाती करने की कोशिश की जाएगी। अब जहां कहीं भी इनकी तैनाती होगी वहां सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध होंगे। प्रशासन की ओर से यह प्रयास किया जाएगा कि कर्मचारियों में सुरक्षा की भावना बनी रहे। इसके लिए संबंधित जिलों के डीसी को हिदायत दी जाएगी कि वे समय-समय पर इनसे संवाद कर उनकी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करें।
घाटी में तैनात हैं साढ़े चार हजार कर्मचारी
कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास के लिए पूरी घाटी में प्रधानमंत्री पैकेज के तहत लगभग साढ़े चार हजार कर्मचारी नियुक्त हैं। सरकार ने छह हजार पद इसके लिए तय किए हैं। ये सभी कर्मचारी स्कूल, राजस्व, चिकित्सा समेत अन्य विभागों में काम कर रहे हैं। ऑल पीएम पैकेज इम्प्लाइज फोरम के प्रवक्ता संजय कौल का कहना है कि पैकेज का प्रावधान उनमें मातृभूमि का भाव जागृत करने के लिए किया गया था, लेकिन इन घटनाओं की वजह से उनमें डर व भय का माहौल बना है। सरकारी रवैये और आतंकी गतिविधियों की वजह से अब वे अपने को मातृभूमि से अलग होता पा रहे हैं। सरकार को भेजे ज्ञापन में उन्होंने सुरक्षित स्थानों पर तैनाती देने की मांग की है। इसके तहत राहत आयुक्त जम्मू कार्यालय से उन्हें संबद्ध कर दिया जाए ताकि आगे की सेवाएं उनके कहने पर वे दे सकें।
कश्मीरी पंडित कर्मचारियों की एक सप्ताह में सुरक्षित स्थानों पर तैनाती कर दी जाएगी। उनकी कुछ और शिकायतें हैं उन पर भी गौर किया जाएगा। हम उनके दर्द और कठिनाइयों को समझते हैं। वे जहां भी रहेंगे प्रशासन उनकी सुरक्षा की पूरी व्यवस्था करेगा। - मनोज सिन्हा, उप राज्यपाल