घर वापसी पर केंद्र और राज्य सरकार के प्रयासों से कश्मीरी पंडित काफी आहत हैं। कश्मीर में कश्मीरी पंडितों के लिए अलग टाउनशिप बनाने की केंद्र और राज्य सरकार की मुहिम उन्हें रास नहीं आ रही है। रविवार को कश्मीरी पंडितों ने अपनी मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया।
कश्मीरी पंडितों ने राज्य और केंद्र सरकार से उन्हें विश्वास में लेने की मांग करने के साथ ही राज्य सरकार से घाटी में कश्मीरी पंडितों की हत्या में शामिल सभी लोगों के खिलाफ अभियोजन पक्ष के मामलों को फिर से खोलने की मांग की। घाटी में वापसी के मुद्दे पर कश्मीरी पंडितों का कहना है कि कश्मीर की सड़कों पर आतंकवादी खुलेआम घूम रहे हैं वे कैसे वापस घर जाएं।
इस दौरान उन्होंने घाटी में अलग बसाए जाने का विरोध करने को लेकर पाकिस्तान के झंडे भी जलाए। उन्होंने हुर्रियत कांफ्रेंस एवं अलगाववादी नेताओं के खिलाफ नारे लगाए। कश्मीरी पंडितों की मांग है कि यह फैसला करने का अधिकार उन्हें है कि वह घाटी में कहां और कैसे रहें? वे अलग जगह की मांग कर रहे हैं, जहां मुस्लिमों को भी रहने का अधिकार हो।