प्रधानमंत्री के दौरे से पैकेज के एलान को लेकर रिफ्यूजियों ने बड़ी उम्मीद लगाई थी। प्रधानमंत्री ने रिफ्यूजियों, कश्मीरी पंडितों, बार्डर विस्थापितों के लिए करीब पांच हजार करोड़ रुपये के पैकेज का एलान किया है।
इससे रिफ्यूजियों को ज्यादा खुशी नहीं हुई है। कुछ रिफ्यूजी इसे धोखा कह रहे हैं। कुछ का कहना है कि इस पैकेज के वितरण को लेकर सरकार को जरूरी कदम उठाने होंगे।
एसओएस इंटरनेशनल के चेयरमैन राजीव चुन्नी का कहना है कि पैकेज ने रिफ्यूजियों को पूरी तरह निराश किया है। प्रधानमंत्री का दौरा पूरी तरह कश्मीर के लिए था।
इससे जम्मू के लोगों को कुछ नहीं मिला। विशेष तौर पर रिफ्यूजियों को निराश किया है। प्रधानमंत्री ने पांच हजार करोड़ को पांच वर्गों में विभाजित किया है।
इससे साफ पता चलता है कि रिफ्यूजियों को कुछ भी हासिल नहीं हुआ है। सरकार ने एक बार फिर धोखा किया है। साढ़े सात हजार करोड़ प्रधानमंत्री ने कश्मीर को दिए हैं।
इससे साफ पता चलता है कि प्रधानमंत्री केवल कश्मीरियों को खुश करने के लिए आए थे। पीओजेके डीपी फ्रंट के प्रधान रछपाल सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री पैकेज के एलान से फ्रंट को खुशी हुई है।
प्रधानमंत्री ने उनके बारे में सोचा है, लेकिन इस पैकेज का लाभ सही लोगों तक पहुंचाने के लिए सरकार को जरूरी कदम उठाने होंगे। वर्ष 2000 में भी केंद्र सरकार ने पैकेज जारी किया था, लेकिन इसके वितरण में काफी धांधली हुई, जिसके बाद इसे वापस ले लिया गया।
इस बार सरकार को सही रिफ्यूजियों को पैकेज देने के लिए अलग से काम करना चाहिए। इसके अलावा सरकार को रिफ्यूजियों के आरक्षण को भी मंजूर करना चाहिए।