प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मिशन पर कश्मीरी पंडितों ने मुहर लगा दी है। कश्मीरी पंडितों के बड़े संगठन पनुन कश्मीर ने मोदी के मिशन कश्मीर का स्वागत किया है। कश्मीरी पंडितों के कुछ नेता दूसरे दलों में भी हैं। उन्होंने इस पर अभी चुप्पी साधी हुई है।
पूर्व अलगाववादी नेता और वर्तमान में पीपुल्स कांफ्रेंस के चीफ सज्जाद लोन से प्रधानमंत्री की मुलाकात को पनुन कश्मीर राजनीति से जुड़ा नहीं मानते। जम्मू कश्मीर में वर्तमान में सभी दल अलग-अलग चुनाव लड़ रहे हैं। इसलिए पनुन कश्मीर को भाजपा की मुहिम पर संदेह नहीं है।
पनुन कश्मीर के प्रधान अश्विनी चुरंगू ने कहा कि पीएमओ में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह स्पष्ट रूप से कह चुके हैं कि भाजपा का चुनाव से पहले किसी भी दल से कोई गठबंधन नहीं होगा। सज्जाद लोन से पीएम की मुलाकात कश्मीर में शांति की दिशा में कदम है। इस तरह की बातचीत समस्या के समाधान के लिए जरूरी है। इसे चुनावी राजनीति से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
भाजपा महासचिव राम माधव और जेपी नड्डा की सज्जाद लोन से मुलाकात चुनाव बाद की स्थितियों के लिए थी। इसलिए इस पर अभी से संदेह किया जाना ठीक नहीं होगा। पनुन कश्मीर ने मोदी की नीतियों पर भरोसा जताया है।
भाजपा की केंद्र में सरकार बनने के बाद से कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास के लिए कई ठोस कदम उठाए गए हैं। पनुन कश्मीर को मोदी की नीतियों में कश्मीरी पंडितों का बेहतर भविष्य दिखता है।