जम्मू में विभिन्न कश्मीरी पंडितों की कमेटियों ने शनिवार को आपातकालीन बैठक की। बैठक में कश्मीरी पंडितों के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक स्थिति पर चर्चा की गई। जगती कोआर्डिनेशन कमेटी के अध्यक्ष रवि जुत्सी ने कहा कि 28 वर्षों से उनका हक मारा जा रहा है। अब वक्त है इस नाफरमानी के खिलाफ आवाज उठाने की।
उन्होंने सभी दलों से अपील की है कि लोकसभा उपचुनावों का बहिष्कार कर सभी सियासी दलों को सबक सिखाया जाए। उन्होंने कहा कि उनके वोट हमेशा निर्णायक साबित होते हैं, बावजूद इसके कोई भी सियासी दल चाहे वह सत्ता में हो या न हो, वह कश्मीरी पंडितों की सुविधाओं पर जरा भी ध्यान नहीं देते हैं।
एक अन्य संस्था के चीफ ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि छह वर्ष तक प्रदर्शन के बाद उन्हें अस्पताल मिला, जिसके भरोसे कुल बीस हजार कश्मीरी पंडितों का स्वास्थ्य है। अस्पताल में भी मूलभूत सुविधाएं मयस्सर नहीं हैं। अगर राज्य सरकार उनकी मांगों और उनके हक की बात को स्वीकार नहीं करती है तो मजबूरन चुनावों का बहिष्कार करना पड़ेगा।