कश्मीरी पंडित विस्थापितों के विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधिमंडलों ने उपराज्यपाल गिरीश मुलाकात की
- फोटो : अमर उजाला
कश्मीरी पंडित विस्थापितों के विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधिमंडलों ने राजभवन में उपराज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू से मुलाकात की और नए डोमिसाइल कानून को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने इस फैसले के लिए प्रशासन और केंद्र का धन्यवाद किया।
पद्मश्री के एन पंडिता, पूर्व एमएलसी सुरेंद्र अंबरदार, जीएल रैना, संजीवनी शारदा, केंद्र के वाइस चेयरमैन अवतार कृष्ण, प्रोमिला कौल ने बताया कि डोमिसाइल नियमों से जम्मू-कश्मीर में पिछले सात दशक से भी ज्यादा समय से पीओजेके और पश्चिमी पाकिस्तान के शरणार्थियों से होता आ रहा अन्याय खत्म होगा। जो भी कश्मीरी हिंदू देश के विभिन्न हिस्सों में बसे हैं। उन्हें भी डोमिसाइल सर्टिफिकेट हासिल हो पाएगा। गोरखा, वाल्मीकि आदि समाज को भी न्याय मिला है।
पूर्व एमएलसी सुरेंद्र अंबरदार और जीएल रैना ने कहा कि उन्होंने कश्मीरी पंडित विस्थापितों की कई और मांगें भी उपराज्यपाल के समक्ष रखीं। इसमें कश्मीर में स्थायी पुनर्वास, मंदिर और श्राइन बिल पर भी बात हुई। उपराज्यपाल ने आश्वासन दिया कि सही समय पर सही कदम उठाकर विस्थापितों के सभी मसलों का हल किया जाएगा।
इसके अलावा ऑल पार्टीज माइग्रेंट्स कोआर्डिनेशन कमेटी के चेयरमैन विनोद पंडित, पूर्व एमएलसी विजय बकाया, पूर्व पुलिस महानिदेशक कुलदीप खुड्डा पर आधारित प्रतिनिधिमंडल ने भी उपराज्यपाल से मुलाकात की और उन्हें पीएम केयर्स फंड के लिए एक लाख 75 हजार का चेक सौंपा। उपराज्यपाल मुर्मू ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार जम्मू-कश्मीर से जुड़े सभी मसलों का हल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।