कश्मीरी पंडित उद्यमियों ने गुपकार घोषणा पत्र के प्रति समर्थन जताया। उद्यमियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को नेशनल कांफ्रेंस (एनसी) के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला से मिलकर विभिन्न मुद्दों पर बात की। इस दौरान फारूक ने भी कश्मीरी पंडित समुदाय को पार्टी के पूर्ण समर्थन के प्रति आश्वस्त किया। कश्मीर के राजनीतिक दलों ने पिछले सप्ताह एक संयुक्त बयान जारी कर कहा था कि वे पिछले साल के घोषणापत्र का समर्थन करते हैं और सभी हमलों के खिलाफ जम्मू-कश्मीर की पहचान, स्वायत्तता और विशेष दर्जे को बचाने के अपने संकल्प में एकजुट रहेंगे।
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पार्टी प्रवक्ता के अनुसार प्रतिनिधिमंडल ने जम्मू-कश्मीर के सियासी हालात, कोरोना के चलते कारोबार में हो रही दिक्कतों के साथ ही सुरक्षा पर बात की। फारूक ने उनकी बातों को सुनने के बाद आश्वस्त किया कि पार्टी कश्मीरी पंडितों के साथ है। उनकी हर प्रकार की परेशानियों का समाधान किया जाएगा।
ज्ञात हो कि गुपकार घोषणापत्र चार अगस्त 2019 को नेशनल कांफ्रेंस अध्यक्ष के गुपकार स्थित आवास पर हुई सर्वदलीय बैठक के बाद जारी किया गया प्रस्ताव है। इसके एक दिन बाद ही केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा समाप्त करने और उसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटने की घोषणा की थी। घोषणापत्र में लिखा है कि अनुच्छेद 370 और 35-ए में बदलाव, उसे समाप्त करना, राज्य का असांविधानिक परिसीमन या इसे तीन हिस्सों में बांटना जम्मू, कश्मीर और लद्दाख की जनता के खिलाफ गुस्सा निकालना होगा।