सदियों से चला आ रहा कश्मीरी भाईचारा आज भी कश्मीर में जिंदा है। इसकी मिसाल दक्षिणी के पुलवामा जिले में देखने को मिली, जहां एक कश्मीरी पंडित समुदाय के बुजुर्ग के शव को स्थानीय मुस्लिम समुदाय के लोगों ने कांधा दिया।
यह मामला है दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा जिले के सिरनू गांव का। 85 वर्षीय गोपीनाथ एक रिटायर्ड टीचर थे। वह पत्नी के साथ इस गांव में रह रहे थे। उनके दो भाई भी हैं।
गोपीनाथ का बीमारी के चलते शनिवार को देहांत हो गया और उनके अंतिम संस्कार के लिए स्थानीय मुस्लिम समुदाय के लोगों ने इंतजाम किया और पंडित समुदाय के लोगों की सहायता की। इससे सदियों से चली आ रही कश्मीरियत और कश्मीरी भाईचारे की मिसाल देखने को मिली।
इस पहल से एक ओर कश्मीरी पंडित समुदाय ने स्थानीय लोगों के इस सहायता भाव की सराहना की, वहीं मुस्लिम समुदाय के लोगों के अनुसार वह सब भाई हैं और एक दूसरे की सहायता करना उनका कर्तव्य है। उनके अनुसार उन्होंने अपना कर्तव्य निभाया है और भाईचारे की मिसाल कायम की है, जिसके बारे में वह सदियों से सुनते आ रहे हैं।