महिला सशक्तीकरण का संदेश देने के लिए इस सैटेलाइट को चेन्नई के स्पेस किड्स इंडिया की मदद से तैयार किया गया। परियोजना में ग्यारहवीं और बारहवीं कक्षा की छात्राएं शामिल थीं।
इसरो की ओर से शुक्रवार को छोड़े गए आजादीसैट-2 उपग्रह में भेजे गए 75 पेलोड में दो पेलोड कश्मीर घाटी की दो छात्राओं ने तैयार किए थे। देश भर से 75 सरकारी स्कूलों की 750 छात्राओं में शामिल गांदरबल जिले की इंशा बिलाल और उस्वा नजीर ने पंखे की मोटर और सर्किट बनाया था, जिसे सैटेलाइट के साथ भेजा गया।
विज्ञापन
गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल सलूरा गांदरबल की इन दोनों छात्राओं रविवार को सेना की ओर से इस उपलब्धि के लिए सम्मानित किया गया। 8.7 किलोग्राम भार वाला यह पहला सैटेलाइट है, जिसे केवल छात्राओं ने मिलकर तैयार किया।
महिला सशक्तीकरण का संदेश देने के लिए इस सैटेलाइट को चेन्नई के स्पेस किड्स इंडिया की मदद से तैयार किया गया। परियोजना में ग्यारहवीं और बारहवीं कक्षा की छात्राएं शामिल थीं। एक अधिकारी ने बताया कि छात्राओं में अंतरिक्ष ज्ञान के प्रति रुचि और रुझान बढ़ाने के उद्देश्य से यह प्रयोग किया गया।