जन्नत में नए साल के जश्न पर विरोध का बवाल स्वागत के जोश के आगे पस्त होता दिख रहा है। हुर्रियत, दुख्तराने मिल्लत सहित तमाम कट्टरवादी और अलगाववादी संगठन नए साल के स्वागत में होने वाले आयोजनों को इस्लाम विरोधी और संस्कृति के खिलाफ बता रहे हैं।
सरकार में शामिल दोनों प्रमुख दल भाजपा और पीडीपी कार्यक्रमों के समर्थन में हैं। नेशनल कान्फ्रेंस ने भी आयोजनों को सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की है।
परवाज-ए-कश्मीर के साथ-साथ गुलमर्ग में होने वाले कार्यक्रमों को महिला अलगाववादी नेता आसिया अंद्राबी द्वारा गैर इस्लामिक बताए जाने के बाद कट्टरपंथी अलगाववादी नेता और हुर्रियत (ग) के अध्यक्ष सैयद अली शाह गिलानी ने भी आयोजनों की खिलाफ़त करते हुए युवाओं से अपनी मजहबी और इखलाकी रिवायत को याद रखने की बात कही।