श्रीनगर में जुमे की नमाज के बाद नौहट्टा समेत कई जगह प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के हुर्रियत (एम) के अध्यक्ष मीरवाइज मोलवी उमर फारूक को पूछताछ के लिए दिल्ली बुलाए जाने, जमात-ए-इस्लामी पर प्रतिबंध के विरोध में किया गया। बता दें कि शुक्रवार को करीब दो हफ्ते के बाद जुमे की नमाज पढ़ी गई।
नौहट्टा स्थित जामिया मस्जिद में जुमे की नमाज के दौरान मीरवाइज मोलवी उमर फारूक ने कहा कि वह कश्मीर मुद्दे के शांतिपूर्ण समाधान की मांग करते रहेंगे और दिल्ली उन्हें नहीं डरा सकती। उन्होंने सवाल करते हुए पूछा, क्या शांतिपूर्वक ढंग से कश्मीर मसले का समाधान ढूंढना आतंकवाद है।
1947 के बाद से लोगों, लीडरशिप और जामिया मस्जिद की गद्दी के खिलाफ साजिशें रची गईं, लेकिन दिल्ली द्वारा बड़े पैमाने पर हमले के बावजूद कश्मीर संघर्ष जारी रहा। एनआईए का नाम लिए बिना मीरवाइज ने कहा कि हम झुकने वाले नहीं, और दिल्ली डरा-धमका कर पेश नहीं कर सकती है।
बता दें कि मीरवाइज को टेरर फंडिंग मामले में पूछताछ के लिए दिल्ली में 18 मार्च को एनआईए के दफ्तर में पेश होने को कहा गया है। वहीं जमात-ए-अलहदीस के मौलानाओं और लीडरशिप की गिरफ्तारी के खिलाफ भी प्रदर्शन किया गया।
जामिया के अलावा लाल चौक में जेकेएलएफ और हैदरपोरा में हुर्रियत (जी) समर्थकों ने भी प्रदर्शन रैलियां निकाली। लाल चौक के घंटाघर के पास भी ट्रेड बाडीज ने शांतिपूर्वक सिट-इन किया। उन्होंने कहा कि यह सीधा धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप करने की तरह है।