इब्राहिम ने लिफाफे से नींद की गोलियां निकालीं और इनको रसोई में जाकर पीस लिया। इसकी 10 पुड़ियां बना लीं। सभी पुड़ियों को एक एक करके कुत्तों की देखभाल करने वाले रोशन और दो अन्य नौकरों के खाने में मिला दिया। घर के बुजुर्ग दंपती को पुड़ियां नहीं दी, क्योंकि वह पहले ही नींद की गोली लेकर सोते थे। घर में मौजूद चालक को भी पुड़ियां नहीं दी, क्योंकि वह बाहर गया हुआ था और देर रात को वापस आया।
30 जनवरी की सुबह तीन बजे वारदात
सबको नींद की गोलियां देने के बाद इब्राहिम ने अपने तीन साथियों अनीस, शाह आलम और सफर अंसारी को बुला लिया। प्लान के मुताबिक तीनों घर में घुसे और इब्राहिम को पीटा, ताकि उस पर किसी को शक न हो। अंदर घुसते ही अनीस ने पिस्टल को बुजुर्ग महिला की कनपट्टी पर रख दिया और बाकी के दो लोग गहने और नकदी ढूंढने लग पड़े। इसी बीच महिला का हाथ कमरे में लगी घंटी पर चला गया। यह घंटी घर के चालक के कमरे में थी। जैसे ही घंटी बजी तो चालक अंदर महिला के कमरे की तरफ बढ़ा। आगे देखा कि एक लड़का पिस्टल लेकर खड़ा है। चालक ने पिस्टल वाले लड़के को पकड़ने की कोशिश की। जब शोर मचा तो वह अपने अन्य दो साथियों के साथ फरार हो गए।
जब पुलिस पहुंची तो इब्राहिम ने कहा कि उसने डकैतों को रोकने की कोशिश की, लेकिन उसे पीटकर चले गए। वारदात के बाद भी इब्राहिम यहीं पर रहा। घर के लोगों का विश्वास जीतने के लिए इब्राहिम ने मालिकों द्वारा दिया गया मोबाइल फोन भी प्लान बनाने से पहले तोड़ दिया। अपने साथियों को घर में रहने वाले एक अन्य नौकर का नंबर दे दिया, ताकि सबको लगे कि वह तो किसी से बात ही नहीं करता। इसी नंबर वह इब्राहिम की पूरे प्लान पर बात होती थी। यही नहीं, एक आरोपी को इब्राहिम घर में 12 दिन के लिए नौकर भी रखवाया, ताकि वह रेकी कर सके। 12 दिन रहने के बाद वह चला गया। इब्राहिम ने अपने दोस्तों से कहा था कि घर से कम से कम सबा करोड़ रुपये का सामान मिलेगा। हमें 20 से 25 लाख प्रत्येक को आ जाएंगे।
वारदात के वक्त फरार होने वाले तीन आरोपियों में शामिल सफर अंसारी ने पिस्टल को विजय सिंह निवासी संजय नगर को दे दिया। जबकि विजय ने इसके 20 कारतूस अपने दोस्त नानक नगर के रहने वाले मनमिदंर सिंह को दे दिए। वारदात को अंजाम देने वाले तीन आरोपियों में अंसारी के अलावा मुंबई के रहने वाले अनीस और शाह आलम भी थे।
यह हैं सात आरोपी
इब्राहिम सद्धिकी : घर का नौकर
अनीस शेख, शाह आलम और सफर अंसारी : डकैती करने आने वाले
रोशन लाल : घर के कुत्तों की देखभाल करने वाला और पिस्टल बाहर देने वाला
विजय सिंह और मनमिंदर सिंह : पिस्टल और कारतूस रखने वाले