श्रीनगर लोकसभा उप चुनाव में मतदान के दौरान कश्मीर घाटी में भड़की हिंसा की वजह से अनंतनाग उप चुनाव को शांति पूर्वक करवाने की चुनौती तो सरकार व सुरक्षा एजेंसियों के लिए है ही। इसके अलावा आगामी माह दरबार मूव की परंपरा के तहत मई में ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में सजने वाले सरकार के दरबार के लिए भी हालात चुनौतीपूर्ण हो सकते है।
28 अप्रैल को जम्मू में नागरिक सचिवालय के अलावा राजभवन, आयोगों के कार्यालय, हाई कोर्ट के अलावा दरबार से जुड़े अन्य कार्यालयों में कामकाज बंद हो जाएगा और आठ मई को श्रीनगर में सरकार का दरबार सजेगा और अगले छह महीने तक कश्मीर घाटी से ही रियासती सरकार काम कामकाज होना है।
पिछले साल भी नौ जुलाई को बुरहान वानी के इन काउंटर के बाद भड़की हिंसा की वजह से करीब पांच महीने तक कश्मीर में खराब रहे माहौल की वजह से सरकार का कामकाज भी प्रभावित हुआ था। हालात की वजह से नागरिक सचिवालय के अलावा मंत्री, विधायकों तक को काम करने में दिक्कते हुई थी। जम्मू में नवंबर में दरबार खुलने के बाद सरकार का कामकाज पटरी पर लौटा था।
कश्मीर में एक बार फिर दरबार मूव होने के करीब खराब हो रहे हालात से सरकार की चिंता भी बढ़ गई है। ऐसे में हालात को संभालना और कानून व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रण में रखने के अलावा सरकारी कामकाज को सुचारु रूप से चलाना सरकार के लिए बड़ी चुनौती रहेगी।