कश्मीर के खराब हालात का शनिवार को अमरनाथ यात्रा के तत्काल पंजीकरण केंद्रों पर भी दिखा। पिछले कुछ दिन से पहुंच रहे हजारों श्रद्धालुओं में एक ही दिन में गिरावट आ गई। शहर के तीन केंद्रों पर पहलगाम से 1423 और बालटाल से सिर्फ 476 के साथ कुल 1899 यात्रियों ने तत्काल पंजीकरण करवाया। इसी तरह टोकन लेने वाले यात्री भी कम पहुंचे।
रेलवे स्टेशन के पास स्थित वैष्णवी धाम केंद्र पर पहलगाम ट्रैक के लिए 600 में से 567 यात्रियों ने तत्काल पंजीकरण करवाया, लेकिन बालटाल के लिए 800 कोटे पर सिर्फ 220 यात्री ही पंजीकरण के लिए पहुंचे। इसी तरह स्टेशन के पास ही सरस्वती धाम केंद्र पर पहलगाम के लिए कुल 600 कोटे में से 397 यात्रियों ने पंजीकरण करवाया।
जबकि बालटाल के 800 कोटे पर सिर्फ 88 यात्री ही तत्काल पंजीकरण के लिए पहुंचे। परेड के पास स्थित महाजन हाल केंद्र पर पहलगाम के लिए 459 और बालटाल के लिए 168 यात्रियों ने पंजीकरण करवाया। स्टेशन के पास संगम रिजार्ट केंद्र पर पहलगाम के लिए 702 और बालटाल के लिए 481 यात्रियों को टोकन जारी किए गए। टोकन पर निर्धारित तिथि के मुताबिक ही यात्रियों को तत्काल पंजीकरण की सुविधा दी जाएगी।
जम्मू से गत 28 जून से यात्रा शुरू होने के साथ रोजाना 2500-3000 के बीच यात्रियों का तत्काल पंजीकरण किया जा रहा था। टोकन में भी इतने ही यात्रियों को टोकन सुविधा दी जा रही थी। लेकिन शनिवार को दोनों ही जगहों पर सामान्य से कम यात्री पहुंचे। इसका बड़ा कारण शनिवार को अमरनाथ यात्रा के स्थगित होने और कर्फ्यू जैसे हालात में कश्मीर का बंद रहना रहा। देशभर से यात्रा के लिए आने वाले यात्रियों की संख्या में शनिवार को गिरावट रही। इस बीच आधार शिविर भगवती नगर जम्मू में 1500 से अधिक यात्री ठहरे हुए हैं।