फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि पहलगाम हमले के पीछे पाकिस्तान का हाथ है, और यह कश्मीर की प्रगति को बाधित करने की साजिश है। उन्होंने मसूद अजहर को कंधार मामले में रिहा करने को एक बड़ी गलती करार दिया और हमलावरों को सख्त सजा देने की बात की।
नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि 26/11, उड़ी, पुलवामा और पठानकोट हमलों को अंजाम देने वाले ही पहलगाम की बायसरन घाटी में 22 अप्रैल की घटना के पीछे हैं। उन्होंने कहा कि पहलगाम हमले के पीछे पाकिस्तान का उद्देश्य जम्मू-कश्मीर की प्रगति की यात्रा को बाधित करना है।
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उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में लोग शांति से रह रहे हैं और हजारों पर्यटक यहां घूम रहे हैं। पाकिस्तान को यह पसंद नहीं है। वे चाहते हैं कि मिलजुल कर न रहें। कहा कि दोषियों को पकड़ा जाना चाहिए और उन्हें कड़ी सजा दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं किसी की मदद के बिना नहीं हो सकती हैं।उन्होंने दिसंबर 1999 में कंधार में अपहृत इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट 814 के बंधकों को छोड़ने के बदले में भारत सरकार के मसूद अजहर को रिहा करने को गलती करार दिया।
उन्होंने कहा कि जब अजहर को रिहा किया गया था, तो उन्होंने कहा था कि उसे मत छोड़ो। उन्होंने मेरे चचेरे भाई को उसके घर पर गोली मार दी। उसे बड़ी मुश्किल से पकड़ा था। लेकिन वे उसे विमान में कंधार ले गए। इस मामले में किसी ने उनकी बात नहीं सुनी।
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उन्होंने कहा कि पहलगाम हमला बहुत दर्दनाक और मानवता की हत्या है। कहा कि पहलगाम की घटना में कोई भी शामिल हो सकता है। जब तक उन्हें पकड़ नहीं लेते, नहीं कह सकते कि वे कौन हैं।