गांदरबल जिले के शादीपुर में झेलम और सिंध नदी के संगम वाले स्थान प्रयाग में 75 वर्ष के बाद मंगलवार को कश्मीर महाकुंभ का आयोजन हुआ। इसमें राज्य व देश के विभिन्न हिस्सों से हजारों की संख्या में कश्मीरी पंडितों ने हिस्सा लेकर संगम वाले स्थान पर स्नान किया और पूजन करके अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
वहीं कश्मीरी पंडितों का कहना था कि सरकार की तरफ से उचित व्यवस्था न किए जाने के कारण काफी समस्याओं का सामना करना पड़ा।झेलम और सिंध नदी के संगम वाले स्थान पर एक छोटे से टापू पर चिनार के पेड़ के नीचे भगवान शंकर शिवलिंग के रूप में मौजूद हैं और मंदिर का निर्माण किया गया है।
सुबह छह बजे से कश्मीरी पंडितों का मंदिर में पहुंचना शुरू हो गया था। सबसे पहले कश्मीरी पंडितों ने नदी में स्नान किया। इसके बाद पूजन व दान करके अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। सभी ने मंदिर में पहुंच कर माथा टेक भगवान शंकर से आशीर्वाद प्राप्त किया। देश के विभिन्न हिस्सों से हजारों कश्मीरी पंडित परिवार सहित इस भव्य मेले में पहुंचे हुए थे।