घाटी में सोशल मीडिया पर बच्चों का एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें कुछ बच्चे हाथों में लकड़ी की बंदूकें लेकर पुलिसकर्मियों को नौकरी छोड़ने की धमकी देते दिखाई दे रहे हैं। वायरल हुए इस वीडियो को लेकर आईजीपी मुनीर अहमद खान का कहना है कि ऐसे वीडियो आतंकी और उनके ओजीडब्ल्यू इस उद्देश्य से बनाते हैं ताकि वह छल के सहारे लोगों को बता सकें कि बच्चे भी उनकी मुहिम के साथ हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों का इस्तेमाल कर वह लोग आतंकवाद को ग्लैमराइज करने की भी कोशिश करते हैं।वायरल हुए 1 मिनट 32 सेकंड के इस वीडियो में हाथों में नकली बंदूकें लिए कुछ बच्चे आतंकियों के हक में और आजादी के नारे लगाते नजर आ रहे हैं। फिर एक किशोर आगे आकर पुलिस वालों को धमकी देते हुए उन्हें नौकरी छोड़ने को कहता सुनाई दे रहा है। वह कहता है कि उनके मुसलमान भाइयों को मारा जा रहा है।
वह बच्चा गलत नाम लेते हुए आईजीपी मुनीर खान और डीजीपी एसपी वैद को नौकरी छोड़ने की भी धमकी दे रहा है, नहीं तो उन पर हमला किया जाएगा।गलत नाम लेने पर वीडियो बनाने वाले व्यक्ति की भी आवाज सुनाई दे रही है जो उन्हें सही कहने को बोल रहा है। वीडियो में एक युवा अपने आपको जैश का कमांडर और दूसरे को डिस्ट्रिक्ट कमांडर बता रहा है और पुलिस के जवानों से हथियार लेकर भागने के लिए भी उकसा रहा है।