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Karwa Chauth 2023: सुहागिनों के पर्व से बाजार गुलजार, जम्मू में कतलम्मे-फैनियों का बढ़ा कारोबार

Sun, 29 Oct 2023 02:15 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

मठियाई दुकानदार कई तरह की वैरायटी तैयार कर रहे हैं। करवाचौथ पर सरगी के मौके पर सबसे पहले कतलम्मे और फैनिया खाई जाती हैं। प्राचीन काल से चली आ रही इस प्रथा को सुहागिनें पूरे रीति रिवाज से पालन करती हैं।
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जम्मू बाजार में लगी खरीदारों की भीड़ - फोटो : संवाद
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विस्तार
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त्योहारों का सीजन शुरू होने के साथ ही बाजार गुलजार हैं। नवरात्र व दशहरा के बाद अब एक नवंबर को करवाचौथ है। यह व्रत महिलाओं के लिए न सिर्फ सजने-संवरने का होता है, बल्कि आस्था और विश्वास का भी त्योहार है। वहीं, इस पर्व को लेकर कतलम्मे-फैनियों की मांग बढ़ गई है। सुहागिनों ने खरीदारी शुरू कर दी है। नए कपड़े और सजावट का सामान खरीद रही हैं। दुकानदारों को भी अच्छे व्यापार की उम्मीद है।

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मठियाई दुकानदार कई तरह की वैरायटी तैयार कर रहे हैं। करवाचौथ पर सरगी के मौके पर सबसे पहले कतलम्मे और फैनिया खाई जाती हैं। प्राचीन काल से चली आ रही इस प्रथा को सुहागिनें पूरे रीति रिवाज से पालन करती हैं। दुकानदारों ने भी फैनियां और कतलम्मे बनाने शुरू कर दिए हैं। कई दुकानकार रिफाइंड से बनाते हैं। लेकिन, महिलाओं की पसंद देसी घी में बने कतलम्मे और फैनियां हैं। बाजार में देसी घी के कतलम्मे और फैनियां करीब 480 रुपए किलो मिल रही हैं। बाजार में मीठे और नमकीन दोनों तरह के कतलम्मे उपलब्ध हैं।

वनिता कोहली ने बताया कि करवाचौथ आस्था और विश्वास का पर्व है। यह परंपरा वर्षों पुरानी है। इसे लेकर खरीदारी शुरू कर दी है। सरगी के मौके पर कतलम्मे और फैनियां खाने की परंपरा है। इसे पूरे रीति रिवाज के साथ निभाया जाना चाहिए। वहीं, मल्लिका बजाज ने कहा कि करवाचौथ पर्व पति की लंबी आयु के लिए रखा जाता है। सरगी के मौके पर कतलम्मे खाना पहली पसंद है। खोया वाले कतलम्मे सबसे ज्यादा स्वादिष्ट होते हैं। वहीं, अन्य खरीदारी भी की जा रही है। टीना आनंद ने कहा कि करवाचौथ व्रत को लेकर हर सुहागिनें उत्सुक रहती हैं। सजने-संवरने के सामान की खरीदारी कर रहे हैं। बाजार में त्योहार को लेकर कई तरह की वैरायटी उपलब्ध हैं। सरगी के मौके पर खाने के लिए कतलम्मे और फैनियां खरीदेंगे।
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102 साल से बेच रहे कतलम्मे और फैनियां

रावालपिंडी दुकानदार आशु गुप्ता और प्रवीण गुप्ता ने बताया कि उनका परिवार 102 साल से कतलम्मे और फैनियां बनाते आ रहे हैं। आम दिनों में भी इसकी अच्छी मांग रहती है। करवाचौथ पर मांग बढ़ जाती है। दोनों वैरायटी शुद्ध देसी घी की बनाते हैं। बाजार में इनकी कीमत 480 से 500 रुपए है।

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