जम्मू के पलांवाला पलटन के बलदेव सिंह भाऊ के पुत्र हवलदार दलेर सिंह भाऊ 12 जैकलाई के जांबाज थे। तोलोलिंग हिल को घुसपैठियों के कब्जे से मुक्त करवाने के अभियान में भाऊ ने अदम्य शौर्य का परिचय दिया। एक जुलाई, 1999 को रात में दलेर सिंह साथियों के साथ तोलोलिंग हिल की तरफ बढ़े। पराक्रम दिखाते हुए शहीद हो गए। हालांकि शहादत जाया नहीं गई। बाद में वीर सपूतों ने टाइगर हिल को कब्जे में ले लिया।
पांच जुलाई को शहीद का पार्थिव शरीर परिवार को सम्मान के साथ सौंपा गया। अब परिवार उदयवाला में रहता है। उनका कहना है कि दलेर सिंह की शहादत के समय तीनों बच्चे छोटे थे। सरकार की ओर से कभी भी सुध नहीं ली गई। बेटों के बड़े होने के बाद सरकार से नौकरी के लिए कई बार फरियाद की, लेकिन आज तक किसी स्तर पर कार्रवाई नहीं हुई
पत्नी शारदा भाऊ ने तीनों बच्चों का पालन पोषण किया। सात साल पहले सड़क दुर्घटना में बड़े बेटे की मौत हो गई। इसके बावजूद शारदा भाऊ ने देश सेवा का जज्बा लेकर अखनूर से डीडीसी सदस्य का चुनाव लड़ा और जीता। अखनूर की डीडीसी सदस्य शारदा भाऊ ने कहा कि देश की रक्षा करते शहीद हुए पति के बाद तीन बच्चों की परवरिश में कई परेशानियां आईं, लेकिन लोगों के सहयोग से नई राह पकड़ी।
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