फोटो ज्यौडियां सेचिनाब नदी में आई बाढ़ से धवस्त हुआ गरखाल - परगवाल मार्ग
लोगों ने सरकार से की राहत देने की मांग
ज्यौड़ियां/परगवाल। भारी बारिश और बाढ़ के कारण गरखाल–परगवाल मार्ग खंडहर में बदल गया है। 25 गांवों की 24,000 आबादी पूरी तरह से क्षेत्र से कट गई है। बारिश ने पूरे देश में भूस्खलन, बादल फटने और बाढ़ का संकट खड़ा किया है।
परगवाल तहसील इससे बुरी तरह प्रभावित हुई है। परगवाल निवासी अवतार सिंह चौधरी, तरसेम कुमार, पवन सिंह, जोगिंदर सिंह और पवन सिंह ने बताया कि परगवाल क्षेत्र एकांतवास की स्थिति में पहुंच चुका है। बच्चों की पढ़ाई ठप हो गई है। बीमार और बुजुर्ग अस्पताल तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।किसानों की मेहनत की फसलें चौपट हो गई हैं। एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहन मार्ग से नहीं गुजर पा रहे हैं। खेतों को सींचने वाली चिनाब नदी ने कई बस्तियां उजाड़ दी हैं। परगवाल केवल प्राकृतिक आपदाओं से नहीं जूझता बल्कि यहां सीमा पर समय–समय पर गोलाबारी और युद्ध जैसी स्थिति भी बनती रहती है। ऐसे में गरखाल–परगवाल मार्ग का टूटना सिर्फ विकास का प्रश्न नहीं बल्कि जनजीवन और राष्ट्रीय सुरक्षा का गंभीर मुद्दा है। लोगों ने सड़क की मरम्मत युद्धस्तर पर करने, प्रभावित जनता को शीघ्र राहत पहुंचाने और परगवाल–इंद्री (ज्यौड़ियां) पुल का निर्माण तेज गति से पूरा करने की मांग की है।