मुख्यमंत्री और राज्यपाल के साथ चीफ जस्टिस
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जस्टिस बदर दुरेज अहमद ने शनिवार को जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के तौर पर शपथ ली। राजभवन में आयोजित समारोह के दौरान राज्यपाल एनएन वोहरा ने जस्टिस अहमद को शपथ दिलाई। इस अवसर पर हाईकोर्ट के इंचार्ज रजिस्ट्रार जनरल रजिस्ट्रार विजिलेंस संजय धर ने जस्टिस अहमद का नियुक्ति वारंट पढ़ा।
समारोह में राज्य की प्रथम महिला ऊषा वोहरा, मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती, उपमुख्यमंत्री डा. निर्मल सिंह समेत कई अन्य प्रतिष्ठित हस्तियां मौजूद थीं। शपथ ग्रहण करने के बाद चीफ जस्टिस ने हाईकोर्ट परिसर का दौरा किया, जहां पर उन्हें गार्ड आफ ऑनर दिया गया।
जस्टिस बदर दुरेज अहमद देश के पूर्व राष्ट्रपति डा. फखरुद्दीन अली अहमद के पुत्र हैं। 16 मार्च, 1956 को मेघालय में जन्मे जस्टिस अहमद ने शिलांग, नई दिल्ली में पढ़ाई पूरी की। इसके बाद यूनाइटेड किंग्डम की कैंब्रिज यूनिवर्सिटी से बीए आनर्स और एमए डिग्री हासिल की। उन्होेंने दिल्ली में अर्थशास्त्र के व्याख्याता के तौर पर सेवाएं भी दीं।
बार कौंसिल आफ इंडिया के साथ अधिवक्ता के तौर पर उनका पंजीकरण 5 सितंबर 1980 में हुआ। दिल्ली हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट में प्रेक्टिस करने के साथ ही उन्होंने विभिन्न कानूनी विषयों पर अपनी वकालत के तजुर्बे से असर छोड़ा। 20 दिसंबर 2002 को उन्हें दिल्ली हाईकोर्ट में जज बनाया गया। उन्हें 10 जून 2013 से 2 सितंबर 2013 तक दिल्ली हाईकोर्ट का एक्टिंग चीफ जस्टिस की जिम्मेदारी दी गई। इसके बाद वे 17 फरवरी 2014 से 20 अप्रैल 2014 तक फिर से दिल्ली हाईकोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस बनाए गए।