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Leh: 28 तक चलेगी लेह हिंसा की न्यायिक जांच, सलाहकार बोर्ड सोनम वांगचुक की नजरबंदी की आज करेगा समीक्षा

Sat, 25 Oct 2025 12:23 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, लेह
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लेह में हिंसा, file - फोटो : पीटीआई
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लेह हिंसा की न्यायिक जांच 25 अक्तूबर को वैकल्पिक विवाद निवारण केंद्र मेलोंगथांग, लेह में शुरू होगी। यह जांच 28 अक्तूबर तक चलेगी। लेह के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को जांच स्थल पर सुरक्षा उपायों की निगरानी सौंपी गई है। न्यायिक प्रक्रिया के दौरान पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा।

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आधिकारिक निर्देशों के अनुसार, विद्युत विकास विभाग को जांच के दौरान निर्बाध विद्युत आपूर्ति के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी प्रकार की बाधा को रोकने के लिए आवश्यक मरम्मत या रखरखाव कार्य करने के लिए संबंधित कनिष्ठ अभियंता को तैनात करने के लिए कहा गया है। लेह के निर्माण प्रभाग के कार्यकारी अभियंता को मेलोंगथांग स्थित एडीआर केंद्र में जांच कार्यवाही के लिए आवश्यक व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय से न्यायिक जांच का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का अनुरोध किया गया है।

पीड़ित लोग जांच आयोग के समक्ष गवाही के लिए आमंत्रित
इच्छुक या पीड़ित व्यक्तियों को निर्धारित तिथियों पर जांच आयोग के समक्ष गवाही दर्ज कराने के लिए आमंत्रित किया गया है। राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र जांच से पहले संबंधित डिजिटल और संचार कार्य पूरा करने के लिए तकनीकी टीम तैनात करेगा। जांच के दौरान चिकित्सा दल तैनात रहेगा।
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सलाहकार बोर्ड आज वांगचुक की नजरबंदी की करेगा समीक्षा
प्रख्यात पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक की पैरवी पर सुनवाई के लिए गठित सलाहकार बोर्ड की बैठक शनिवार को जोधपुर सेंट्रल जेल में होगी। पैनल वांगचुक की नजरबंदी की समीक्षा करेगा और कानूनी प्रावधानों के अनुसार उनके बचाव में प्रस्तुत किए गए अभ्यावेदनों की जांच होगी।

तीन सदस्यीय पैनल में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति एमके हंजूरा अध्यक्ष के रूप में कार्य करेंगे। पैनल में लेह के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज परिहार और कारगिल की प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश स्पलजेस अंगमो भी शामिल हैं। वांगचुक की पत्नी डॉ. गीतांजलि अंगमो कानून के तहत वांगचुक की मित्र के रूप में कार्यवाही में उपस्थित रहेंगी।

गीतांजलि ने इस प्रक्रिया में विश्वास व्यक्त किया है। उन्होंने कहा, मुझे सलाहकार बोर्ड पर पूरा भरोसा है कि वह सत्य और न्याय के लिए खड़ा होगा। सलाहकार बोर्ड के विचार-विमर्श वांगचुक की नजरबंदी और भविष्य की कार्रवाई के संबंध में अगले कदमों को निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। 

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