उज्जैन के नागचंद्रेश्वर मंदिर में भगदड़ और बिहार के अशोक धाम में सात श्रद्धालुओं की मौत की खबर के बीच माता वैष्णो देवी मंदिर से अच्छी खबर आई है। भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए भवन परिसर से गर्भगृह तक के लिए अलग-अलग मार्ग बनाए जाएंगे, जो शारदीय नवरात्र से पहले तैयार हो जाएंगे। इससे दर्शन सुगम होगा और वाई जंक्शन पर भीड़ का दबाव कम होगा।
श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सचिन वैश्य ने 11 अक्तूबर से शुरू हो रहे शारदीय नवरात्र से पहले निकासी मार्ग का काम पूरा करने का निर्देश दिया। अतिरिक्त सीईओ आलोक मौर्या ने बताया, मौजूदा समय में भवन परिसर के वाई जंक्शन पर श्रद्धालुओं की काफी भीड़ रहती है।
न्यू वैष्णवी भवन बनकर तैयार
श्राइन बोर्ड प्रबंधन श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए काम कर रहा है। इसी क्रम में न्यू वैष्णवी भवन बनाया गया है। यह भवन पुराने वैष्णवी भवन के साथ बनाया गया है। नए भवन में 72 कमरे हैं। श्रद्धालु श्राइन बोर्ड के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से इन कमरों की बुकिंग करा सकते हैं।
दूसरे मार्ग न जा सकेंगे
प्रोजेक्ट अधिकारी रविंद्र कौल ने बताया कि दोनों मार्गों को इस तरह तैयार किया जा रहा है कि निकासी मार्ग से प्रवेश मार्ग और प्रवेश मार्ग से निकासी मार्ग में श्रद्धालुओं की आवाजाही नहीं हो सकेगी। श्रद्धालु कतार में लगकर सुगम तरीके से मां वैष्णो देवी के दरबार में दर्शन करेंगे और इसके बाद अलग मार्ग से बाहर निकलेंगे। इससे भवन परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही व्यवस्थित होने के साथ ही भीड़ का दबाव भी कम होगा।