पुलिस, सीआरपीएफऔर सेना ने लिया हिस्सा
मॉक ड्रिल की निगरानी एसपी स्तर के अधिकारी ने की। इसमें रियासी जिला पुलिस, स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (एसओजी), सीआरपीएफ और सेना की मीडियम रेजिमेंट ने संयुक्त रूप से हिस्सा लिया। स्वास्थ्य विभाग के साथ फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज के कर्मी भी अभ्यास में शामिल रहे।
आतंकी हमले जैसी स्थिति बनाकर परखी गई तैयारी
मॉक ड्रिल के दौरान बेस कैंप में आतंकी खतरे जैसी स्थिति बनाई गई। सुरक्षा एजेंसियों ने तत्काल मौके पर पहुंचने, इलाके की घेराबंदी और तलाशी, खतरे को निष्क्रिय करने, नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने और घायलों के इलाज जैसी प्रक्रियाओं का अभ्यास किया। इसके साथ ही आग लगने या अन्य आपात स्थिति में फायर एंड इमरजेंसी सेवाओं की प्रतिक्रिया को भी परखा गया।