सीजेएम अंजुम एरा ने कहा कि सुलिंदर कुमार ने आरोपी बजिंदर सिंह एवं अन्य के साथ मिलकर साजिश की। करनाल में होटल में रुकने की व्यवस्था की। साथ ही जिन जगहों पर लीक हुआ पेपर पहुंचाना था, वहां भी पहुंचाया गया।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) जम्मू ने सब इंस्पेक्टर भर्ती घोटाले में दो आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। सुलिंदर कुमार और बजिंदर सिंह को सीबीआई ने गिरफ्तार किया हुआ है। दोनों के नाम इस मामले में पेश की गई चार्जशीट में शामिल हैं।
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सीजेएम अंजुम एरा ने कहा कि सुलिंदर कुमार ने आरोपी बजिंदर सिंह एवं अन्य के साथ मिलकर साजिश की। करनाल में होटल में रुकने की व्यवस्था की। साथ ही जिन जगहों पर लीक हुआ पेपर पहुंचाना था, वहां भी पहुंचाया गया। सुलिंदर ने होटल रॉयल हट में बंदोबस्त कराया। जिस समय उम्मीदवारों को होटल में लाया गया। उस वक्त भी सुलिंदर वहां मौजूद था, जो जानता था कि यह लोग उम्मीदवार हैं न कि हार्टीकल्चर विभाग के अधिकारी। दस्तावेजों से पता चला कि उसने खुद बुकिंग की थी। जिसकी पहचान में सुधीर सिंह नाम का व्यक्ति था, जिसने बुकिंग कराने में मदद की।
अंजुम ने कहा कि मौजूदा मामले में आरोपी उस अपराध में शामिल है, जिसका प्रभाव पूरे समाज पर है। खासकर मेरिट में आने वाले उम्मीदवारों पर। इसका सामाजिक और आर्थिक दोनों ही तरह से प्रभाव पड़ता है। ऐसे प्रभावों से अलग ही निपटने की आवश्यकता है। गहरे षड्यंत्र वाले आर्थिक अपराध छात्रों के कॅरिअर और देश की अर्थव्यवस्था को भी प्रभावित करते हैं।
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इस तरह के अपराध देश की युवा पीढ़ी और मेधावी उम्मीदवारों के भविष्य के कॅरिअर को भी प्रभावित करते हैं। आरोपी व्यक्ति जो गंभीर सामाजिक आर्थिक अपराध में शामिल हैं, प्रभावशाली होने के कारण सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकते हैं और जमानत पर रिहा होने पर आगे की जांच में बाधा डाल सकते हैं। इस मामले की जांच अभी भी जारी है और जांच एजेंसी द्वारा अभी तक कई और आरोपियों की संलिप्तता का पता लगाया जाना बाकी है। लिहाजा आरोपी इस जमानत के हकदार नहीं हैं।