पीएमओ में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने जम्मू-कश्मीर पर केंद्र की स्थिति स्पष्ट करते हुए दो टूक कहा है कि कश्मीर कोई मसला नहीं है। आंध्र, गुजरात और बिहार की ही तरह जम्मू-कश्मीर भी देश की 29 रियासतों में से एक है। जम्मू-कश्मीर का कुछ हिस्सा पाकिस्तान के गैर कानूनी कब्जे में है। उसे वापस लेकर जैसा महाराजा हरि सिंह सौंप कर गए थे, उसी रूप में जम्मू-कश्मीर को बहाल करना है। उन्होंने ये बातें कठुआ के ड्रीमलैंड पार्क में विकास कार्यों के उद्घाटन के दौरान कहीं।
डॉ. सिंह ने पाकिस्तान में सियासी नेता इमरान खान के बदले तेवर पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जहां तक भारत के पक्ष का संबंध है तो यह स्पष्ट कर दिया गया है कि मोदी सरकार के होते हुए आतंकवाद से कोई समझौता नहीं होगा और न सीमा पार से कोई षड्यंत्र ही कामयाब होने वाला है।
उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि महागठबंधन हताशा का प्रतीक है, जो लोग अपने-अपने क्षेत्र में वोट हासिल करने में नाकामयाब हैं, उन्हें नफरत ने एक साथ बांध रखा है। उन्हें लगता है कि उनके परिवारवाद की राजनीति का अंत होने वाला है। उनका मकसद है कि मोदी और मोदी सरकार को हटाया जाए, लेकिन वह कभी सफल नहीं होगा। इसका जवाब देश और प्रदेश की जनता देगी। कोलकाता की गलियों में इसका उत्तर तलाशने से कुछ नहीं होगा।