जम्मू और श्रीनगर में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत पिछले तीन वर्षों में केंद्र द्वारा 276 से अधिक परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। दोनों शहरों में प्रोजेक्टों पर काम पूरा होने के बाद मूलभूत सुविधाएं मिलेंगी। इन परियोजनाओं का उद्देश्य नया जम्मू और कश्मीर में शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है।
झेलम नदी के किनारे रास्ते का निर्माण किया गया
जम्मू और श्रीनगर शहरों का अत्यधिक भीड़भाड़ वाले और अविकसित शहरी क्षेत्रों से ‘स्मार्ट सिटीज’ में परिवर्तन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की एक और उपलब्धि है। स्मार्ट सिटी के तहत श्रीनगर में ईवी चार्जिंग स्टेशन, स्मार्ट स्ट्रीट लाइटिंग, मल्टी-लेवल पार्किंग, खेल ढांचा, झेलम नदी में एक जल परिवहन प्रणाली, डल-झील के चारों ओर सजावटी एलईडी लाइटिंग, झेलम नदी के किनारे रास्ते का निर्माण किया गया।
बटमालू में पारंपरिक सूक मार्केट एंड क्राफ्ट सेंटर का निर्माण
31.22 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बटमालू में पारंपरिक सूक मार्केट एंड क्राफ्ट सेंटर का निर्माण, 14.61 करोड़ रुपये की लागत से बटमालू-कमरवारी रोड का सुधार और उन्नयन शामिल है। बटमालू में ट्रेडीशनल सूक मार्केट एंड क्राफ्ट सेंटर में हस्तशिल्प, सूखे मेवे, मसाले और कश्मीर की अन्य विशेष वस्तुओं के लिए एक खुदरा सुविधा, सांस्कृतिक गतिविधियों, प्रदर्शनियों के लिए एक समर्पित प्लाजा और एक अलग संगठित वेंडिंग क्षेत्र शामिल होगा।
जम्मू में बस स्टैंड पर 2.1 करोड़ खर्च किए
जम्मू में 80 बसों और 1312 कारों की क्षमता वाले सामान्य बस स्टैंड पर 201.66 करोड़ खर्च किए गए। इसके अलावा रिवर्स वेंडिंग मशीन, रिफ्यूज कांपेक्टर, सिटी चौक पार्किंग की सुविधा दी गई। हाल ही में 113 करोड़ रुपये की जम्मू स्मार्ट सिटी की 14 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया।
डोगरा राजवंश की अमूल्य विरासत और मुबारक मंडी से रघुनाथ बाजार तक सड़क विकास शामिल है। जून 2023 में परियोजना पूरी होने के बाद रघुनाथ बाजार, जैन बाजार, कनक मंडी और मोती बाजार एक स्मार्ट वाणिज्यिक केंद्र के रूप में उभरेंगे और मौजूदा व्यवसायों को आर्थिक विकास के नए अवसर भी प्रदान करेंगे।