दायर याचिका में कहा था कि उपायुक्त अनंतनाग ने खतरे की पूरी जानकारी होने के बावजूद विधायक और अन्य को 25 फरवरी 2023 को बेदखली आदेश जारी किया था। इसमें सरकारी क्वार्टर से उन्हें बेदखल करने का निर्देश दिया गया था।
जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने पूर्व विधायक अब्दुल मजीद भट सहित अन्य के खिलाफ हाई सिक्योरिटी क्वार्टर से बेदखल करने के नोटिस पर रोक लगा दी है। भट और अन्य ने दायर याचिका में कहा था कि उपायुक्त अनंतनाग ने खतरे की पूरी जानकारी होने के बावजूद 25 फरवरी 2023 को बेदखली आदेश जारी किया था।
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इसमें गवर्नमेंट हाउसिंग कॉलोनी खानबल अनंतनाग स्थित सरकारी क्वार्टर से उन्हें बेदखल करने का निर्देश दिया गया था। उन्होंने प्रस्तुत किया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, जिला पुलिस मुख्यालय अनंतनाग ने पहले ही उन व्यक्तियों की सूची अग्रेषित कर दी है जिनके पास खतरे की आशंका है और इस संबंध में उपायुक्त को 9 नवंबर 2022 को सूचित किया है।
एसएसपी ने कहा कि उन्हें नोटिस जारी किया गया है। बेदखली के आदेशों को भी अपील दाखिल करने के माध्यम से अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष अपील की गई थी, जिसे एसपी (मुख्यालय) अनंतनाग की अध्यक्षता में समिति द्वारा मूल्यांकन किए गए खतरे की धारणा पर विचार किए बिना अधिकारियों द्वारा खारिज कर दिया गया था।
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याचिकाकर्ताओं ने अपने दावे को साबित करने के लिए जिला मजिस्ट्रेट अनंतनाग द्वारा पारित आदेश 28 फरवरी 2023 का हवाला दिया, जो उनके अनुसार जारी किया गया था। न्यायमूर्ति वसीम सादिक नर्गल की पीठ ने 2 मई तक याचिका का जवाब मांगते हुए सरकार को नोटिस जारी किया।