डॉ. जितेंद्र सिंह
- फोटो : File Photo
कश्मीर को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला के बयान को गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है। कश्मीर केंद्रित राजनीतिक दल ऐसे हैं, जब वे सत्ता में होते हैं तो कश्मीर को भारत का अटूट अंग मानते हैं और जब सत्ता से बाहर होते हैं तो रातोंरात अपनी बात से बदल जाते हैं।
कल अगर यह दोबारा सत्ता में आते हैं तो फिर से कश्मीर को भारत का अटूट अंग बना देंगे। यह लोग अवसरवाद की राजनीति ही करना जानते हैं। ये बातें केंद्रीय राज्यमंत्री डा. जितेंद्र सिंह ने मीडिया कर्मियों से कहीं।
डा. सिंह ने कहा कि संतोषजनक बात यह है कि कश्मीर का आम आदमी और युवा इस दोहरी राजनीति को समझने लगा है। भारत और पाकिस्तान के बीच अगर कोई विषय बाकी है तो पीओके को वापस भारत में लाना है।
पाक के नए सेना प्रमुख को लेकर ज्यादा बात करने की तो जरूरत नहीं है, लेकिन सबको इतना आश्वस्त रहना चाहिए कि भारत सरकार और रक्षा मंत्रालय हर प्रकार की चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार हैं।
उन्होंने कहा कि नोटबंदी के बाद आतंकवाद पर महत्वपूर्ण प्रभाव रहेगा। इससे कश्मीर के हालात में तो सुधार हुआ ही है। इसके साथ ही अन्य आतंकवाद प्रभावित क्षेत्र छत्तीसगढ़, झारखंड के हालात में सुधार देखने को मिला है। नोटबंदी को लेकर भारत बंद में कोई भी सहयोग नहीं करेगा, क्योंकि पूरा देश प्रधानमंत्री मोदी के साथ है।